हादसे में छह लोगों की मौत से उनके परिजन बुरी तरह टूट गए हैं। उमेश की पत्नी सीमा, उसके भाई लक्ष्मण (25), दो मासूम बच्चों आशी (3) व शौर्य (2) की मौत हो गई है। हादसे में उसकी साली मंजू (22) भी बुरी तरह जख्मी है। घर में एक साथ चार लोगों की मौत और दो के घायल होने से उमेश अपना होश खो बैठे हैं। वे बार-बार रोते हुए कह रहे हैं कि बच्चे मंगलवार को घर नहीं आते तो बच जाते।
हादसे से चंद मिनट पहले घर से निकला विमलेश पछता रहा था कि वह अपने मासूम बच्चों को अकेला छोड़कर क्यों गया। हादसे में उसके दोनों बच्चों की मौत हो गई। दीपचंद बंधु अस्पताल में मौजूद उमेश ने रोते हुए बताया कि कुछ दिन से उसकी पत्नी सीमा तीनों बच्चों आशी, शौर्य और रिशिका को लेकर उनकी नानी के घर मजनू का टीला गई हुई थी। बच्चे कुछ और दिन नानी के घर रहना चाहते थे, लेकिन रिशिका की परीक्षा होने के कारण मंगलवार शाम को अपने घर लौटना पड़ा।
वहीं मंजू नौकरी करती है और द्वारका इलाके में रहती है। दीदी के लौटने की खबर मिलते ही वह भी मंगलवार को द्वारका से सावन पार्क दीदी के घर पहुंच गई। अब उमेश साली मंजू के जल्द ठीक होने की दुआएं मांग रहे हैं। उमेश इलाके में सैलून में काम करते हैं। दूसरी ओर, मूल रूप से हरदोई के रहने वाले विमलेश ने बताया कि दो कमरों के मकान में उसके चार बच्चे व पत्नी रहते थे। उसके भतीजे राज बहादुर का परिवार दूसरे कमरे में रह रहा था।
हादसे से चंद मिनट पहले ही वह दोनों बच्चों सुमनेश व रजनीश को छोड़कर निकला था। वह घर से चंद कदम दूर ही पहुंचा था कि अचानक तेज धमाका हुआ। वह घर की ओर भागा तो देखा उसकी बिल्डिंग ताश के पत्ते की तरह गिर रही थी। उसके सामने ही लोगों ने उसके दोनों बच्चों को निकाला, जिन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
वहीं, विमलेश के भतीजे राज बहादुर की पत्नी मुन्नी देवी उर्फ संगीता की हादसे में मौत हो गई। घर में उस समय मुन्नी के दो रिश्तेदार कमला शंकर व विजय आए हुए थे। वह भी जख्मी हो गए। परिजन हादसे में घायल हुए लोगों की सेहत के लिए दुआएं कर रहे हैं। विमलेश राजमिस्त्री है तो राजबहादुर बेलदारी करता है। अस्पताल में ही मौजूद नरोत्तम अपनी पत्नी निशा की सेहत के लिए प्रार्थना कर रहा है। नरोत्तम इलाके में एक शख्स की कार चलाता है।