राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली धमाके को आत्मघाती हमला माना है। एजेंसी ने कार में धमाका करने वाले कश्मीरी फिदायीन डॉ. उमर नबी के सहयोगी साजिशकर्ता आमिर राशिद अली को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। हमले में इस्तेमाल कार आमिर के ही नाम पर रजिस्टर्ड थी। देश की राजधानी में यह पहला आत्मघाती हमला है।
एनआईए ने कहा, दिल्ली पुलिस से केस की जांच लेने के बाद एजेंसी ने कई छापे मारे, उसी दौरान आमिर को गिरफ्तार किया गया। जांच से पता चला कि जम्मू-कश्मीर में पंपोर के संबूरा निवासी आमिर ने डॉ. उमर के साथ मिलकर आतंकी हमले की साजिश रची थी।
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आमिर राशिद अली
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्फोट करने के लिए वाहन-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के रूप में जिस कार का इस्तेमाल किया गया, आमिर उसे खरीदने में मदद करने दिल्ली आया था। फोरेंसिक जांच से स्पष्ट हो चुका है कि कार फरीदाबाद सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा उमर ही चला रहा था।
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दिल्ली में धमाके के बाद जले वाहन
- फोटो : ANI
एजेंसी ने उमर से जुड़ा एक अन्य वाहन भी जब्त किया है। एजेंसी ने अब तक 73 लोगों से पूछताछ की है। एनआईए दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर आतंकी गठजोड़ के सुराग तलाश रही है।
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दिल्ली में धमाके के बाद जले वाहन
- फोटो : ANI
डॉ. उमर पिछले साल से आत्मघाती हमलावर की तलाश में था
जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि डॉ. उमर नबी पिछले साल से ही आत्मघाती हमलावर की तलाश में था। उमर इस षड्यंत्र को लगातार आगे बढ़ा रहा था। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड से पकड़े गए जसीर ने पूछताछ में यह खुलासा किया।
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मौके पर मिला कारतूस
- फोटो : अमर उजाला
9 एमएम कैलिबर के कारतूस मिले
धमाके वाली जगह से बरामद तीन कारतूस 9 मिमी कैलिबर के थे। इनमें एक खाली था। यह ऐसा हथियार है जो आम नागरिक नहीं रख सकते। इसका इस्तेमाल सिर्फ सुरक्षा बल करते हैं। हालांकि, कारतूस बरामद होने के बावजूद, घटनास्थल पर कोई पिस्तौल या उसका कोई हिस्सा भी नहीं मिला। पता लगाया जा रहा है कि कारतूस घटनास्थल पर कैसे आए। कारतूसों की बरामदगी ने इस मामले में एक नया कोण जोड़ दिया है।