दिल्ली-एनसीआर में बहुत खराब स्तर पर वायु गुणवत्ता सूचकांक स्थिर हो गई है। वहीं प्रदूषण कण पर्टिकुलेट मैटर में बढ़ोतरी भी दर्ज की जा रही है। बीते करीब 10 दिनों से यही स्थिति कायम है। बृहस्पतिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब तो गाजियाबाद का एक्यूआई लगातार तीसरे दिन गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली एनसीआर की हवा में नहीं हो रहा सुधार, अगले दो दिन तक राहत की उम्मीद नहीं
वहीं यूपी के नोएडा, ग्रेटर नोएडा में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में ही बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक इसमें राहत की उम्मीद नहीं है।
सीपीसीबी की ओर से बृहस्पतिवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई 349 जबकि यूपी में बुलंदशहर का एक्यूआई 378, गाजियाबाद का एक्यूआई 405 रिकॉर्ड किया गया।
401 से 500 का एक्यूआई स्तर गंभीर वायु प्रदूषण को प्रदर्शित करता है। वहीं, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 362, नोएडा का एक्यूआई स्तर 394 रहा। जबकि फरीदाबाद का एक्यूआई स्तर 340 रहा। 301 से 400 का एक्यूआई स्तर बहुत खराब वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है।
हेल्थ एडवाइजरी
सीपीसीबी की हेल्थ एडवाइजरी में लगातार चेताया जा रहा है कि बहुत खराब गुणवत्ता के प्रभाव में रहने पर न सिर्फ श्वास रोग संबंधी मरीजों को बल्कि आम लोगों को भी परेशानी हो सकती है। इसलिए बाहर निकलने से बचें और यदि जरूरी हो तो मास्क जरूर पहनें।
आपात स्तर की ओर पीएम कण
दिल्ली-एनसीआर की हवा में पर्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 की मौजूदगी आपात स्तर के करीब पहुंच रही है। बृहस्पतिवार रात आठ बजे पीएम 2.5 का स्तर जहां 212 रहा वहीं पीएम 10 का स्तर 396 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 10 हवा में मौजूद मोटे प्रदूषण कण हैं जबकि पीएम 2.5 बेहद महीन और आंखों से न दिखने वाले प्रदूषण कण हैं। पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 और पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। दोनों कण अपने सामान्य मानक से करीब चार गुना तक ज्यादा हैं।