जिला कारागार (बुलंदशहर) से एडीजे कोर्ट में पेशी पर आए नौ में से छह बंदी पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची पाउडर झोंककर भाग गए। जिसमें से एक को पुलिसकर्मियों ने दौड़कर पकड़ लिया। जबकि पांच भाग गए। सूचना पर एसएसपी और सीओ समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई। भागे बंदियों पर लूट, डकैती, अपहरण, हत्या, जानलेवा हमला जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। पेशी पर आए सभी आरोपी बुलंदशहर के ही विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 10 बजे जिला कारागार से नौ बंदियों राजेश पुत्र धर्मवीर निवासी अहार, रूपेंद्र उर्फ पैना पुत्र मंगलसेन निवासी पहासू, अजय पुत्र शेर सिंह निवासी छतारी, टीटू उर्फ किरनपाल पुत्र रेशमपाल निवासी पहासू, रवि उर्फ रविंद्र पुत्र महेंद्र सिंह निवासी रामघाट, राजेश उर्फ विकास उर्फ जंगलिया पुत्र दुर्गपाल निवासी छतारी, विजय पुत्र शेरसिंह निवासी पहासू, दिल्ला पुत्र रामसिंह निवासी डिबाई और रिंकू ठाकुर पुत्र भूरे सिंह निवासी खुर्जा को लेकर अनूपशहर की एडीजे कोर्ट में आई थी।
सभी बंदियों को एचसीपी अनंगपाल वालियान, कांस्टेबल सतीश, एचसीपी दयानंद और कांस्टेबल अनिरुद्ध शर्मा लेकर आए थे। सभी बंदियों को एडीजे कोर्ट के पास बनी हवालात में रखा गया था। जहां से दोपहर बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) के यहां पेश किया गया। जहां से वापस हवालात में लाया गया। दोपहर करीब 3.30 बजे सभी बंदियों को हवालात के पास बंदी बैन लगाकर बैठाना शुरू किया।
सबसे पहले पुलिसकर्मियों ने रिंकू, दिल्ला और विजय को बैठाया। जब बाकी छह बंदी बैठने लगे तो उनमें से एक बंदी ने तंबाकू पाउच में रखे मिर्च पाउडर को निकालकर चारों पुलिसकर्मियों की आंखों में डाल दिया। मिर्च पाउडर तीन पुलिसकर्मियों की आंखों में पड़ा। पुलिसकर्मियों की आंखों में अंधेरा हो गया और जलन होने लगी। इसका फायदा उठाकर राजेश, रूपेंद्र, अजय, टीटू, रवि, राजेश भाग गए। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर राजेश उर्फ विकास उर्फ जंगलिया को पकड़ लिया। सूचना पर एसएसपी अनीस अहमद अंसारी, एसओ अहार, कोतवाल जहांगीराबाद, एसओ रामघाट, एसओ नरौरा और डिबाई कोतवाली प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए और कांबिंग शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक, सभी बंदियों पर लूट, डकैती, अपहरण, हत्या, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, गैंगस्टर जैसे गंभीर मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। खबर लिखे जाने तक फरार पांच बंदियों को पकडऩे में पुलिस जुटी हुई थी।