सूर्या विहार पार्ट-2 निवासी सीता देवी (48) की हत्या के मामले को सुलझाते हुए पुलिस की क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने रिश्ते में उनके भतीजे उदयवीर को गिरफ्तार किया है। उदयवीर ने रुपयों के लेनदेन को लेकर महिला की हथौड़े से वार करके हत्या की थी। हत्या करने के बाद वह गुरुग्राम स्थित अपनी बेटी के घर जाकर छिप गया था।
सीता देवी यहां बेटे सोहेल के साथ रहती थीं, जोकि डीएलएफ क्षेत्र स्थित एक कंपनी में नौकरी करता है। उदयवीर सीता के दूर का रिश्तेदार है। वह उसे चाची कहकर बुलाता था। वह अक्सर उसके पास घर आया करता था। सीता के साथ उसका रुपयों का लेन देन था।
पुलिस के अनुसार थोड़े-थोड़े करके उदयवीर ने सीता देवी को 65 हजार रुपये दे रखे थे, जिसे वह अब वापस मांग रहा था। गत 11 अक्टूबर की शाम भी वह अपने रुपये मांगने सीता के पास उनके घर आया था। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में उदयवीर ने वहीं रखा हथौड़ा उठाया और सीता के चेहरे व सिर में तीन-चार वार कर उनकी हत्या कर दी।
घर पर ताला लगाया और फरार हो गया
हत्या को अंजाम देने के बाद वह बाजार गया और नया ताला खरीदकर लाया। उसने सीता देवी के घर का बाहर से ताला लगाया और फरार हो गया। पुलिस ने जब सीता के बेटे सोहेल से पूछताछ की तो उसने उदयवीर पर संदेह जताया। पुलिस संगम विहार में उसके घर गई तो वह फरार था।
इससे पुलिस को यकीन हो गया कि हत्या उदयवीर ने की है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। शनिवार को पुलिस ने उसे गुरुग्राम में रहने वाली उसकी बेटी के घर से गिरफ्तार कर लिया। उसने हत्या की बात कबूल कर ली। हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा बरामद करने के लिए पुलिस उसे अदालत से रिमांड पर लेगी।
क्राइम ब्रांच डीएलएफ प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि उदयवीर सीता देवी से अपने रुपयों की मांग कर रहा था। उस दिन शाम को भी वह रुपये मांगने गया था और वहां उनका झगड़ा हो गया। इस पर उसने वहीं रखे हथौड़े से सीता देवी की हत्या कर दी थी। उसने हत्या की बात कबूल कर ली है।