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नौकरानी और पुजारी नहीं समझ सके बंसल के मन की बात, दिया था मौत का संकेत

Wed, 28 Sep 2016 04:59 PM IST
शुजात आलम/अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 28 Sep 2016 04:59 PM IST
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Bansal's maid and the priest could not understand their mind, that was the sign of death
पूर्व डीजी व बेटे ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला

बीके बंसल और उनके बेटे योगेश के मन में क्या उथल-पुथल चल रही थी, यह तो उनकी मौत के बाद राज बन गया है। हां इतना जरूर है दोनों पिता-पुत्र ने आत्महत्या करने की योजना पहले ही बना ली थी। 

Bansal's maid and the priest could not understand their mind, that was the sign of death
पूर्व डीजी व बेटे ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला

सोमवार को बकायदा इसके लिए पूरी तैयारी भी कर ली थी। रचना को सोमवार दिन में बताया गया था कि अगले दिन मंगलवार को वह काम पर देर से आए। रचना ने बताया है कि बीके बंसल ने उसे यह भी बताया था कि मंगलवार सुबह जब वह आएगी तो उनके घर का दरवाजा भी खुला रहेगा। 

Bansal's maid and the priest could not understand their mind, that was the sign of death
पूर्व डीजी व बेटे ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला

वहीं सुसाइड नोट लिखने के बाद दिन के समय में ही उसकी फोटो कापी कराई गई होगी। नीलकंठ अपार्टमेंट के पुजारी पंडित अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि सोमवार शाम करीब 6.30 बजे उनके पास योगेश की कॉल आई और उसने पंडित को अपने घर आने के लिए कहा। 

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Bansal's maid and the priest could not understand their mind, that was the sign of death
पूर्व डीजी व बेटे ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला

घर पहुंचने पर अरविंद कुमार को 2100 रुपये देने के बाद घर में रखा एक किला घी भी दिया। अरविंद ने कहा कि उन्होंने जब रुपये बाद में लेने की बात की तो योगेश ने उससे कहा कि उन्हें लंबी छुट्टी पर जाना है, इसमें काफी दिन लग सकते हैं। 

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Bansal's maid and the priest could not understand their mind, that was the sign of death
पूर्व डीजी व बेटे ने की सुसाइड - फोटो : अमर उजाला

दरअसल पिछले कुछ दिनों से पंडित अरविंद कुमार गृह शांति के लिए सुंदरकांड का पाठ कर रहे थे। 16 सितंबर से हुए पाठ को पांच नवंबर को समाप्त होना था। अपार्टमेंट के मैनेजर रघुबीर सिंह ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व उन्होंने सोसायटी का बकाया भी अदा कर कुछ रुपये फालतू दिए थे। कहा था आगे पता नहीं क्या होगा।

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