PICS: डिग्री पाकर रोशन हुआ चांद सा चेहरा
आने वाले समय में ज्ञान और शिक्षा भारतीय अर्थव्यवस्था को और आगे ले जाएंगे। शिक्षा मानव जीवन को समृद्ध ही नहीं, बल्कि मानवीय सोच को भी उन्नत बनाती है। नई सोच मानवीय क्षमताओं को भी बढ़ावा देती है। (सभी फोटोः अनिल कुमार/अमर उजाला)
PICS: डिग्री पाकर रोशन हुआ चांद सा चेहरा
इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हमारी शिक्षा का क्षेत्र, विशेषकर उच्च शिक्षा, इस चुनौती का सामना करने में सक्षम हो। यह कहना है राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का। वे सोमवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के दीक्षांत समारोह में छात्रों समेत शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।
PICS: डिग्री पाकर रोशन हुआ चांद सा चेहरा
राष्ट्रपति का कहना था कि विश्वविद्यालयों को हमारे समाज के समग्र विकास और समस्याओं के समाधान के लिए और भी अधिक उत्तरदायी होना चाहिए।सरकार ने वित्तीय समावेशन, आदर्श गांवों के सृजन, स्वच्छ भारत और डिजिटल सुविधाओं के लिए कई योजनाओं को शामिल किया है, लेकिन उनकी सफलता के लिए जागरूकता पैदा करने में विश्वविद्यालयों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
PICS: डिग्री पाकर रोशन हुआ चांद सा चेहरा
उन्होंने दुख जताया कि भारतीय विश्वविद्यालय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सौ विश्वविद्यालयों की सूची में अभी तक अपना नाम दर्ज नहीं करवा सके हैं, जबकि दुनिया के सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय भारत में हैं।
PICS: डिग्री पाकर रोशन हुआ चांद सा चेहरा
जामिया स्पोर्ट्स कांप्लेक्स स्थित भोपाल ग्राउंड में आयोजित दीक्षांत समारोह का आगाज सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे हुआ, जिसमें एमएचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी विशिष्ठ अतिथि रहीं। कार्यक्रम में उससे पहले कुलपति प्रो. तलत अहमद ने दीक्षांत समारोह शुरू करने की इजाजत मांगते हुए वार्षिक रिपोर्ट दी।