टैंकर से जबरदस्त टक्कर के बाद सड़क पर कई बार पलटी 18 बच्चों से भरी स्कूल वैन, 1 बच्ची की मौत
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एक ओर जहां उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में ड्राइवर की लापरवाही से गुरुवार सुबह 13 मासूम बच्चों की जान चली गई वहीं आज दिल्ली में भी एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। इस हादसे में 18 बच्चे अस्पताल पहुंच गए।
यह घटना आज(26 अप्रैल) सुबह करीब 6:30 बजे हुई। गौरतलब है कि दिल्ली के कन्हैया नगर मेट्रो स्टेशन के पास से एक स्कूल वैन गुजर रही थी जिसमें दो-तीन सरकारी स्कूलों के 18 बच्चे भरे थे। बताया जा रहा है कि वैन ओवरलोडेड थी।
स्कूल वैन ने जैसे ही मेट्रो स्टेशन के पास रेड लाइट से यूटर्न लिया तो सामने से एक दूध का टैंकर आ रहा था। टैंकर तेजी में था और उसने स्कूल वैन को ऐसी जबरदस्त टक्कर मारी वैन पलट गई। यही नहीं वैन सिर्फ एक दो बार नहीं सड़क पर कई बार पलटी।
17 घायल एक बच्ची की मौत
वैन पलटने से उसमें सवार 18 बच्चे बुरी तरह घायल हो गए। घायल बच्चों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वहीं इनमें से 4 बच्चों की हालत बेहद नाजुक बतायी जा रही है जिन्हें सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्कूल वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, वहीं टैंकर का आगे का भाग भी पिचक गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच कर रही है। वहीं इस हादसे के चलते पूरे इलाके में ट्रैफिक लग गया। घायल बच्चों के माता-पिता को जैसे ही जानकारी मिली सभी भागते-दौड़ते बच्चों से मिलने पहुंचे।

वैन नहीं फॉलो कर रहा था सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन
- स्कूल बस या वैन या किसी भी वाहन पर पीला रंग होना जरूरी।
- बस के आगे पीछे ये लिखा होना जरूरी है कि यह स्कूल वाहन है।
- वाहन के अंदर बाहर ड्राइवर का नाम, पता, आईडी प्रूफ आदि लिखा होना जरूरी है।
- वाहन पर स्कूल का वाहन पर स्कूल का नाम, पता, नंबर आदि लिखा होना जरूरी है।
- वाहन की रफ्तार 40 किमी/घंटा होनी चाहिए।
- वाहन में इमरजेंसी एक्जिट होनी चाहिए।
- वाहन में अग्निशमन यंत्र भी होना चाहिए।
- वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स भी होना चाहिए।
- गेट ऐसा होना चाहिए जो लॉक हो सके।