सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में शुक्रवार से इंडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) सेवा शुरू हो गई। जनरल वार्ड में पहले दिन एक नवजात समेत पांच बच्चे भर्ती किए गए। इनमें तीन लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं।
ज्यादातर डिलीवरी जिला अस्पताल में हुई हैं। भर्ती किए गए बच्चों में अर्श (3), प्रियांशु (नवजातु), अनूप (6) आदि शामिल रहे। चिकित्सा निदेशक डॉ. एके भट्ट ने बताया कि बच्चे पेट संबंधी समस्या जैसे दस्त, खाना हजम न होना, पेट दर्द समेत अन्य दिक्कतों से पीड़ित पाए गए।
12 अप्रैल को प्रमुख सचिव आईपीडी का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसी तारीख से एक साल के लिए पंजीकरण शुल्क 250 रुपये और हर साल पंजीकरण का नवीनीकरण सौ रुपये में होगा। अर्श की मां ने कहा कि चाइल्ड पीजीआई की बिल्डिंग, वार्ड और इलाज की सेवाओं से वह संतुष्ट हैं।
15 अप्रैल से मिलेगा खाना : चिकित्सा निदेशक ने बताया कि 15 अप्रैल से मरीजों को डाइट चार्ट के आधार पर खाना मिलने लगेगा। लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई में मरीजों को खाना उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार से बात हो गई है। वह चाइल्ड पीजीआई में भी किसी अच्छी, पौष्टिक और सेहत वर्धक खाना उपलब्ध कराने वाली कंपनी से व्यवस्था कराएगा।
इसके बाद ठेके के लिए टेंडर निकाले जाएंगे। खाने का शुल्क वार्ड के प्रतिदिन के शुल्क में शामिल होगा। इसके लिए अलग से शुल्क नहीं लिया जाएगा। ओपीडी के अलावा जिला अस्पताल और अन्य अस्पतालों से रेफर होकर आने वाले बच्चे यहां भर्ती किए जाएंगे। डिलीवरी और महिलाओं के इलाज की सेवा यहां उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। चाइल्ड पीजीआई में 18 साल से अधिक उम्र के मरीजों के इलाज पर रोक लगा दी गई है।