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बुराड़ी केस में एक और नया खुलासा, कमरे में मिली ऐसी खुशबू पुलिस हैरान

Thu, 05 Jul 2018 12:00 PM IST
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 05 Jul 2018 12:00 PM IST
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burari case poisonous chemicals can be in sunlight according to Crime branch report
जांच के लिए जाती क्राइम ब्रांच की टीम - फोटो : अमर उजाला
संतनगर बुराड़ी स्थित भाटिया परिवार के मकान में एक साथ 11 लोगों की मौतों को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब फॉरेसिंक टीम बुराड़ी केस की जांच में पूजा-पाठ का एंगल भी जोड़कर देख रही है। टीम को शक है कि धूपबत्ती में जहरीला या नशीला रसायन मिला हो सकता है। 
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जांच के लिए जाती क्राइम ब्रांच की टीम - फोटो : अमर उजाला
अशांका जताई जा सकती है कि फांसी पर लटकने से पहले परिवार ने पूजा की है। इस दौरान ही उन्हें कुछ नशीला पदार्थ सुंघाया गया होगा तभी सभी फंदे पर लटकने के लिए तैयार हो गए।  उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी इस ओर इशारा करती है। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों और प्रियंका के हाथ व पैर ज्यादा टाइट बंधे थे, जिससे आत्महत्या के प्रति उनकी सहमति न होने का अंदाजा लगाया गया। 
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घटना स्थल पर क्राइम ब्रांच की टीम - फोटो : अमर उजाला
फॉरेसिंक विशेषज्ञ के अनुसार अगर धूपबत्ती में कोई रसायन होता है तो वह धुंए के जरिए किसी इंसान के फेफड़ों तक पहुंचता है, जिससे फेफड़ों के ऊपरी हिस्से पर मौजूद ऊतकों की क्षमता कम होने लगती है। इसीलिए इंसान की श्वसन गति भी कम होने लगती है। हालांकि इस रसायन की परत लिवर और गुर्दे पर जम सकती है। साथ ही आंतों के हिस्से में भी इसकी मौजूदगी हो सकती है। इसलिए पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। बिसरा जांच में जरूर इसकी पहचान हो सकती है। 
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बताया जा रहा है कि फॉरेसिंक टीम ठग बाबा की थ्योरी पर भी काम कर रही है। अक्सर कई किस्से देखने को मिलते हैं जिनमें धूपबत्ती या प्रसाद खिलाकर लोगों को जहरखुरानी दी जाती है और बाद में उनसे लूटपाट होती है। होश में आने के बाद इंसान को घटना का एहसास होता है। ठीक इसी तरह टीम ने भी धूपबत्ती के साथ घर में मिले प्रसाद की जांच कर रही है। 
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क्राइम ब्रांच की टीम जांच के लिए पहुंची - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार, फिंगर और फूट प्रिंट में टीम को बाहरी किसी सदस्य के निशान नहीं मिले हैं। इतना ही नहीं फॉरेसिंक टीम ने एफएसएल लैब में भी विशेषज्ञों को इस एंगल पर बिसरा जांच की अपील की है। सूत्रों की मानें तो 11 शवों के बिसरा जांच में आंत, लिवर और गुर्दों में किसी रसायन की परत को जांचना जरूरी है।  
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