फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बुराड़ी में मरने वाला परिवार 'भाटिया' नहीं 'चंडावत' था, ललित की भतीजी ने बताई कई अनसुनी बातें

Sat, 07 Jul 2018 01:49 PM IST
विवेक मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
विवेक मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 07 Jul 2018 01:49 PM IST
विज्ञापन
burari 11 deaths mystery: family was chandawat not bhatia lalit neice reveals many secrets
burari death case - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 परिजनों के फांसी पर झूल जाने की गुत्थी एक तरफ तो देश-विदेश में सुर्खियां बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ मृतक परिवार के ही अन्य सदस्य तंत्र-मंत्र जैसे कयासों को न सिर्फ खारिज कर रहे हैं बल्कि इसे लांछन मानकर सदमे में भी है। राजस्थान में रहने वाली मृतक ललित के बड़े भाई की बेटी विशाखा चंडावत ने ऐसे ही तमाम कयासों को खारिज कर पूरा किस्सा बयां किया है जो मृतक परिजनों की हालिया जिंदगी की कहानी का एक दूसरा ही पक्ष बयां करती है -

burari 11 deaths mystery: family was chandawat not bhatia lalit neice reveals many secrets
burari death case - फोटो : अमर उजाला

भाटिया नहीं सिंह चंडावत था सरनेम विशाखा सिंह चंडावत का कहना है कि मेरे चाचा का नाम ललित भाटिया नहीं ललित सिंह चंडावत था। परिवार में सिर्फ मेरी चचेरी बहन प्रियंका और चाची प्रतिभा अपने नाम के आगे भाटिया लगाते थे। बाकी हम सभी लोग अपने नाम के आगे सिंह चंडावत सरनेम का इस्तेमाल करते हैं। विशाखा ने कहा कि मेरे चाचा का पूरा परिवार किसी तरह के तंत्र-मत्र जैसे अभ्यास नहीं करता था। पूरा परिवार सामान्य था और अंधविश्वास जैसी कोई चीज नहीं थी।

burari 11 deaths mystery: family was chandawat not bhatia lalit neice reveals many secrets
burari death case - फोटो : अमर उजाला

हम तो सजने की तैयारियों में थे, कभी नहीं देखा मोक्ष वाला रजिस्टर हम प्रियंका दीदी (मृतका) की शादी को लेकर बहुत ही खुश और उत्साहित थे। आखिर यह हमारे घर में भाई-बहनों के बीच पहली शादी जो थी। प्रियंका दीदी के अलावा सभी भाई-बहनों का एक व्हाट्स ऐप ग्रुप भी बनाया गया था। इस ग्रुप पर हम दीदी से काफी बातें करते थे। शादी की तैयारियों और सजने-धजने को लेकर हमारे बीच बातें होती थीं। जिस मोक्ष वाले रजिस्टर की कहानी को लेकर तमाशा बनाया जा रहा है वह हमारे बीच चर्चा में कभी नहीं आया। मैं जानती हूं घर में सिर्फ हनुमान चालीसा और भगवतगीता मौजूद थी। मैंने कोई मोक्ष वाला रजिस्टर कभी नहीं देखा।

विज्ञापन
विज्ञापन
burari 11 deaths mystery: family was chandawat not bhatia lalit neice reveals many secrets
burari death case - फोटो : अमर उजाला

मनोवैज्ञानिक रोग से ग्रस्त नहीं थे मेरे चाचा विशाखा ने कहा कि हमें अपने परिवार के लिए शोक का भी मौका नहीं मिल रहा। मेरे चाचा ललित किसी भी तरह से मनोवैज्ञानिक बीमारी से ग्रस्त नहीं थे। वह पूरी तरह सामान्य थे। मृतक पिता की आत्मा से चाचा की बातचीत का कयास बिल्कुल ही गलत है। मैं और मेरा भाई अक्सर अपनी दादी नारायण देवी के यहां जाया करते थे। मैंने कभी अपने चाचा (ललित) को ऐसा करते नहीं देखा। अगर ऐसा था तो कम से कम एक बार तो हम लोगों ने देखा होता। 16 जून को हमने प्रियंका दीदी के इगेंजमेंट से पहले खूब डांस भी किया था। मैं दो वर्ष बाद बुराड़ी आई थी। यहां हम 11 से 19 जून तक रुके और मंदिर भी गए।

विज्ञापन
burari 11 deaths mystery: family was chandawat not bhatia lalit neice reveals many secrets
burari death case - फोटो : विवेक निगम

स्टूल खरीदने की वजह ट्यूशन के बच्चे भी हो सकते हैं सीसीटीवी फुटेज में परिवार के सदस्य के स्टूल खरीद कर ले जाने के पीछे की वजह भी प्रियंका चंडावत ने कुछ और ही बताई। प्रियंका ने कहा कि मेरी चाची बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थीं। हो सकता है यह स्टूल बच्चों के बैठने की व्यवस्था के लिए हो। सभी कहते हैं कि मेरा परिवार तब आध्यात्मिक हो गया जब ललित चाचा की आवाज वापस आ गई। यह बात भी झूठ है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed