बुलंदशहर में गोकशी की अफवाह में फैली हिंसा में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के परिवार में गम का माहौल है। इस दौरान जहां उनकी पत्नी उनके शव को देखकर बार-बार भावुक हो रही थीं, वहीं उनके बेटे ने भी हिंसा पर बड़ी बात कही। हम आपको उनके परिवार के ऐसे ही 4 बयान बताने जा रहे हैं जिसे पढ़कर कोई भी भावुक हो जाए....
बुलंदशहर हिंसा: शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी, बहन और बेटे के वो 4 बयान जो भावुक कर देंगे
पत्नी का बयानः
आप मुझे उनके पास जाने दो, वो बिल्कुल सही हो जाएंगे। मुझे छूने तो दो उनको, कहां हैं वो। देखो मुझे उनके पास जाना है, मैं हाथ जोड़ती हूं। एक मिनट के लिए जाने दो बस, मैं उनको छुऊंगी बस और वो ठीक हो जाएंगे। बेशक मुझे कुछ भी हो जाएगा, लेकिन वो ठीक हो जाते हैं, मेरा विश्वास मानो। जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में मृतक इंस्पेक्टर की पत्नी रजनी बार बार यही बात दोहरा रही थीं और बेसुध हो रही थीं।
बहन बोलीं मुख्यमंत्री कर रहे गऊ...गऊ
जांबाज पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत पर उनकी बहन मनीषा का गुस्सा फूट पड़ा। मनीषा ने रोते हुए कहा कि मैंने भाई खोया है। मुख्यमंत्री गऊ...गऊ.. कर रहे हैं। वो खुद रक्षा नहीं कर पा रहे तो हम लोग क्या करेंगे। शर्म आनी चाहिए उन्हें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारे परिवार से मिलने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि गऊ हमारी माता है। हम मानते हैं, लेकिन उस माता के लिए हमारे भाई (सुबोध कुमार) ने अपनी जान दी है।
इंस्पेक्टर के बेटे अभिषेक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा नहीं फैलाता। आज मेरे पिता ने हिंदू-मुस्लिम के नाम पर अपनी जान गंवा दी। अब कल किसके पिता अपनी जान गंवाएंगे?
मेरे पति को लौटा दो...मेरे पति को लौटा दो।