स्टैंडिंग कमेटी के छह सदस्यों के चुनाव में एक वोट के चक्कर में दिनभर का खेल बिगड़ गया है। चुनाव आयोग के कर्मचारियों और निगम सचिव कार्यालय के अधिकारियों ने वोटों की गिनती कर आप-भाजपा के पक्ष में तीन-तीन का निर्णय दिया है। लेकिन मेयर इस निर्णय पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं हैं। मेयर ने एक वोट को इनवैलिड करार दिया है, भाजपा के पार्षद मेयर का निर्णय मानने को राजी नहीं हैं।
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एमसीडी सदन
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पूर्व मेयर और भाजपा की मौजूदा पार्षद कमलजीत शेहरावत का कहना है कि मेयर को चुनाव आयोग और निगम सचिव कार्यालय के कर्मचारियों का निर्णय मानना पड़ेगा। मेयर को कोई अधिकार नहीं है कि वह वोटों की गिनती करने वाले कर्मचारियों के निर्णय को बदलें।
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सदन में हंगामा करते पार्षद
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क्या है पूरा मामला?
स्टैंडिंग कमेटी के छह सदस्यों का चुनाव सुबह करीब 11 बजे से शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ और करीब तीन बजे पूरा हो गया। करीब दस मिनट ब्रेक के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई। दो घंटे बाद दिल्ली चुनाव आयोग कार्यालय से आए कर्मचारियों और निगम सचिव कार्यालय के कर्मचारियों ने नतीजे तैयार किए और मेयर के सामने पेश किया।
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MCD Mayor Election
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मेयर ने नतीजे पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इसके बाद से ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। भाजपा के पार्षद मेयर के इस निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के पार्षद भी उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हंगामा लगातार बढ़ता जा रहा है।
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एमसीडी सदन
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मत पत्र में 1, 2, 3 की जगह 1, 2, 2 भरने पर बवाल
एक मत पत्र में 1, 2, 3 की जगह 1, 2, 2 भरने को लेकर पूरा विवाद खड़ा हो गया। स्टैंडिंग कमेटी के सभी मत पत्रों में से एक में भाजपा के सदस्य प्रत्याशी पंकज लूथरा के नाम के सामने 1, कमलजीत शेहरावत के सामने 2 और गजेन्द्र सिंह दराल के सामने 2 लिखा है। अधिकारियों ने इस वोट की गिनती की है, जबकि मेयर ने इसे अवैध घोषित कर दिया है।