अन्ना आंदोलन-2: पहले दिन तबियत बिगड़ने के बाद भी दूसरे दिन अनशन जारी, बोले- मंच पर वो नहीं आएंगे जो
लोकपाल विधेयक और किसानों की 6 बड़ी मांगों को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे के अनशन का आज दूसरा दिन है। अन्ना ने अपने इस भूख हड़ताल की शुरुआत मंच पर तिरंगा लहराकर किया था।
हालांकि पहले ही दिन अन्ना का स्वास्थ्य कुछ खराब हो गया था, लेकिन अब वह ठीक हैं। आज अन्ना ने अपने मंच से कहा कि जो भी उनके इस आंदोलन में शामिल होना चाहता है उसे एफिडेविट साइन करना पड़ेगा।
इस एफिडेविट में ये घोषणा करनी होगी कि वह कभी राजनीतिक पार्टी या ग्रुप ज्वाइन नहीं करेंगे और ना ही चुनाव लड़ेंगे। उन्हें देश और समाज की सेवा करनी होगी और अपना आचरण शुद्ध रखना होगा। मैं किसी भी राजनीतिक पार्टी या ग्रुप को इस मंच पर नहीं आने दूंगा।
शौचालयों और पानी तक की व्यवस्था नहीं
अन्ना ने कहा कि रामलीला में उनके कहने के बावजूद लोगों के लिए शौचालयों और पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सत्याग्रह को खत्म करने के लिए ही सरकार ऐसी नीतियों का प्रयोग कर रही है। हालांकि रामलीला मैदान पहुंचे लोगों के भोजन के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है।
अन्ना से मिलने के लिए बीमार बच्चा करता रहा इंतजार
पिछले अन्ना आंदोलन में दिनरात सहयोग करने वाले ऑटो रिक्शा चालक लाल सिंह शुक्रवार को गंभीर बीमारी पीड़ित 11 वर्षिय बच्चे को लेकर रामलीला मैदान पहुंचे। उन्होंने कहा कि बेटे के 6 ऑपरेशन भी हो चुके हैं। अब इलाज करवाने के लिए उन्हें अन्ना से आस है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सुबह से देर शाम तक अन्ना से मिलने का काफी प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। वह शनिवार को अपने बेटे के साथ अन्ना से मिलने का फिर प्रयास करेंगे।
डॉक्टरों ने दी आराम की सलाह
अनशन के कारण सत्याग्रह के पहले दिन शाम को अन्ना का स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित हो गया, जिस कारण डॉक्टरों की टीम ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। डॉक्टर अन्ना का दिन में दो-तीन बार चेकअप कर रहे हैं और उनके हेल्थ बुलेटिन तैयार कर रहे हैं। हालांकि पहले दिन अन्ना का हेल्थ कार्ड सामान्य दर्ज किया गया।