रानी झांसी रोड पर हुए हादसे के मामले में आरोपी फैक्टरी मालिक रिहान व उसके भाइयों के पास दमकल विभाग की कोई एनओसी नहीं थी। दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने इसका खुलासा किया है। फैक्टरी में आग से बचाव के लिए भी कोई इंतजाम भी नहीं थे। यही वजह है कि जानमाल का इतना नुकसान हुआ। दमकल विभाग के पूर्व निदेशक जीसी मिश्रा ने बताया कि दिल्ली फायर सेफ्टी लॉ के मुताबिक, किसी भी पुरानी इमारत पर दमकल के नियम लागू नहीं होते हैं। इसका फायदा उठाकर पुरानी इमारत वाले फैक्टरी मालिक मनमानी करते हैं। यदि पुरानी इमारतों पर भी दिल्ली फायर सेफ्टी लॉ लागू हो जाए तो शायद इस तरह के हादसों में कमी लाई जा सकती है।
अनाज मंडी अग्निकांडः इमारत पर लागू नहीं थे ये नियम, इसी का फायदा उठा रहा था फैक्टरी मालिक
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ज्यादातर आग की घटनाओं में हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट ही निकलता है। देखा गया है कि थोड़े से लालच के लिए फैक्टरी मालिक घटिया बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। फैक्टरी मालिकों को जब दमकल विभाग की एनओसी लेनी होती है उस समय वह फैक्टरी को दमकल यंत्रों से लैस कर देते हैं। एनओसी मिलने के बाद उन उपकरणों को हटा दिया जाता है। कुछ जगहों पर देखा गया है कि रखरखाव के अभाव में अग्निशमन यंत्र जरूरत के समय नहीं चलते हैं।
250 गज से कम जगह की फैक्टरी पर नियम नहीं हैं लागू
दमकल विभाग के पूर्व निदेशक जीसी मिश्रा ने बताया कि नए और पुराने दिल्ली फायर सेफ्टी लॉ के तहत 250 गज या उससे कम जगह की इमारतों में होने वाली गतिविधियों के लिए दमकल विभाग की एनओसी लेने की जरूरत नहीं होती है। छोटी फैक्टरी चलाने वाले फैक्टरी मालिक इसका फायदा उठाकर नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। 250 गज से ऊपर की फैक्टरी के लिए दमकल के पूरे इंतजाम कराए जाते हैं और निरीक्षण के बाद ही एनओसी दी जाती है। समय-समय पर इन इमारतों की जांच भी की जाती है। पूरी पुरानी दिल्ली में ऐसी हजारों फैक्टरी चल रही हैं, जहां आग बुझाने वाला एक भी सिलिंडर नहीं मिलेगा। यह लोग पुरानी इमारत होने की वजह से नियमों से बच सकते हैं।
नहीं है फायर हाईड्रेंट सिस्टम
रानी झांसी रोड इलाके में छोटी-बड़ी मिलाकर लगभग 800 फैक्टरी हैं। जिस जगह हादसा हुआ वह रिहायशी इलाका है। औद्योगिक इलाकों में फायर हाईड्रेंट सिस्टम लगाना जरूरी होता है, जिन इलाकों में 100 या 150 से अधिक फैक्टरी होती हैं वहां पर फायर हाईड्रेंट सिस्टम (पानी की भूमिगत लाइन) होनी चाहिए। फायर हाईड्रेंट सिस्टम होने से आपातकालीन स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू हो जाता है। भूमिगत पाइप लाइन के जरिए पानी की कमी नहीं होती और आग पर जल्दी काबू पा लिया जाता है। रानी झांसी रोड पर यदि फायर हाईड्रेंट सिस्टम होता तो आग पर समय से काबू पा लिया जाता।
सावधानी से टाले जा सकते हैं हादसे
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि थोड़ी सी सावधानी से इस तरह के हादसों को टाला जा सकता है। फैक्टरी मालिक दमकल संबंधी नियमों का कढ़ाई से पालन करें तो ऐसे हादसे नहीं होंगे। शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग से बचने के लिए हमेशा आईएसआई बिजली उपकरणों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। फैक्टरी की इमारत में सीढ़ियां, एंट्री और एक्जिट नियमों के अनुसार होना चाहिए। फायर अलार्म, अंदर आग लगने की स्थिति में अपने आप पानी की बौछार चलने का सिस्टम और बढ़िया क्वालिटी के अग्निशमन यंत्र व उनकी समय-समय पर जांच होनी चाहिए।