वायुसेना के मालवाहक विमान एएन-32 क्रैश में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके घर पहुंचा। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनका परिवार रो-रोकर बेहाल हो गया। उनकी मां तो बार-बार बेसुध हो रही थीं। वहीं शहीद राजेश की दादी जिनके वह सबसे करीब थे वह रो-रोकर एक ही बात कह रही थीं। इस दौरान शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा के अंतिम दर्शनों के लिए आस-पास के इलाकों से भीड़ जुट गई। सबने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आइए देखते हैं शहीद राजेश थापा के अंतिम यात्रा की तस्वीरें...
AN-32 क्रैशः शहीद राजेश थापा का शव देखते ही घरवालों की टूटी हिम्मत, ये बात कह बेसुध हो रही दादी
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राजेश थापा का पार्थिव शरीर उनके घर फरीदाबाद लाने से पहले पालम एयरपोर्ट पहुंचा जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उसे पुष्पांजलि अर्पित की। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर देख पूरा परिवार बेहाल हो गया। उनकी दादी तो बस "हाय मेरा बाबू, हाय मेरा बाबू..." कह कर रोए जा रही थीं। परिवार ही क्या यह मंजर जिसने भी देखा उसकी आंखें छलक पड़ीं। उनके सम्मान में वायुसेना के जवान बड़ी संख्या में वहां पहुंचे और पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ।
शहीद राजेश थापा को देखने फरीदाबाद सेक्टर-23 उनके निवास पर विधायक मूलचंद शर्मा और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर पहुंची। उनके साथ कई और नेता भी मौजूद थे। जिस बेटे के लौटने की आस परिवार कर रहा था उन्हें नहीं पता था कि उसे ऐसे देखना पड़ेगा। आगे पढ़िए शहीद राजेश थापा के बारे में सबकुछ और क्यों वो अपनी दादी के बेहद करीब थे...
वायुसेना के लापता विमान में सवार थे फरीदाबाद के फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा
चीन सीमा के पास लापता हुए वायुसेना के मालवाहक विमान एएन-32 में फरीदाबाद में रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा भी सवार थे। जब से परिजनों को उनके लापता होने की खबर मिली तब से पूरा परिवार परेशान था। हर कोई उनके जल्द से जल्द सकुशल लौटने की दुआ कर रहा था, लेकिन उनकी दुआएं काम न आई।
सेक्टर-23 निवासी 26 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा मूलरूप से नेपाल के रहने वाले थे। उनकी दादी रामा माया थापा ने अमर उजाला को बातचीत में बताया था कि राजेश जब दो साल का था तो वह उसे नेपाल से अपने साथ फरीदाबाद ले आई थीं। रामा माया थापा बिजली निगम से सेवानिवृत्त हैं। राजेश उनके पास ही रहकर पला बढ़ा है।