संत निरंकारी मिशन की पांचवीं और पहली महिला सद्गुरु माता सविंदर हरदेव महाराज का रविवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। इनके निधन से संत निरंकारी मंडल में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार शाम करीब पांच बजकर पांच मिनट पर दिल्ली के बुराड़ी स्थित निरंकारी कॉलोनी में माता सविंदर का निधन हुआ। बताया जा रहा है कि वह काफी समय से बीमार थीं। क्या आप जानते हैं कि माता सविंदर कौर का जन्म कहां हुआ और उनकी शिक्षा और शादी कहां कब और कैसे हुई, तो जानने के लिए पढ़ें माता के प्रेरणादायी जिंदगी की पूरी कहानी...
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- फोटो : अमर उजाला
माता सविंदर कौर का जन्म 12 जनवरी 1957 को दिल्ली में मनमोहन सिंह और अमृत कौर के घर हुआ था। बाद में इनका परिवार हरियाणा के यमुनानगर में शिफ्ट हो गया। यहां एक निःसंतान दंपति गुरुमुख सिंह और मदन माताजी ने सविंदर कौर को गोद ले लिया। यह इसलिए संभव हो पाया कि दोनों ही परिवार निरंकारी मिशन से जुड़े थे।
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इसके बाद ये लोग फर्रुखाबाद में रहने लगे। फर्रुखाबाद में ही माता सविंदर कौर की प्राथमिक शिक्षा संपन्न हुई। इसके बाद उनकी 12वीं तक की पढ़ाई मसूरी के कॉन्वेंट ऑफ जीजस एंड मेरी स्कूल से हुई। उनकी शिक्षिकाएं याद करती हैं कि वह एक बहुत ही मेधावी छात्रा थीं और हर सबजेक्ट में उनके 90% अंक आते थे।
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उन्होंने दिल्ली के दौलतराम कॉलेज से ग्रैजुएशन की पढ़ाई शुरू की लेकिन बीच में ही उनकी शादी बाबा हरदेव महाराज से हो गई। 14 नवंबर 1975 को हुई ये शादी एक मिसाल बन गई। इनकी शादी 28वें निरंकारी संत समागम में बेहद ही सादे ढंग से बिना किसी दहेज के हुई थी, जो दहेज लेने-देने के खिलाफ एक मुहिम के रूप में था।
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इसके चलते 17 जुलाई को माता सविंदर ने मिशन के छठवें सद्गुरु के रुप में अपनी छोटी बेटी सुदीक्षा को जिम्मेदारी सौंपी दी थीं। इस दौरान माता सविंदर ने कहा था कि अब भी बाबा हरदेव महाराज की ईच्छानुसार बहुत कुछ करना बाकी है। इसलिए सुदीक्षा अब उन्हें पूरा करने के लिए जिम्मेदारी उठाएंगी।