कोरोना काल में मालगाड़ी लोगों के लिए अन्नापूर्णा बनी हुई है। साथ ही नया कीर्तिमान भी स्थापित कर रही है। बुधवार को जहां 177 वैगन वाली सुपर एनाकोंडा मालगाड़ी ने रफ्तार का नया रिकॉर्ड बनाया तो बृहस्पतिवार को शेषनाग ने। इस तरह एनाकोंडा पर शेषनाग भारी पड़ा। 2.8 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी 4 इंजनों के सहारे रेल पटरी पर सरपट दौड़ी। यह अब तक की सबसे लंबी मालगाड़ी है। इस मालगाड़ी में 251 वैगन है और यह नागपुर से सिकंदराबाद के बीच चल रही है।
तस्वीरेंः 'सुपर एनाकोंडा' के बाद पटरी पर दौड़ा 2.8 किलोमीटर लंबा 'शेषनाग'
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इतनी लंबी मालगाड़ियों का संचालन रेलवे के लिए खास अनुभव रहा, जब चार मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर शेषनाग को चलाया गया। 6000 हार्स पावर के 4 इंजनों को एक साथ इस्तेमाल किया गया, यानी 24 हजार अश्वशक्ति के साथ चली। मालगाड़ी को लोड करने से पहले इस वैगन को ट्रायल के लिए खाली पटरी पर दौड़ाया गया।
एनाकोंडा में 1 करोड़ रुपये का कोयला लोड किया गया था, जिसका वजन 15 हजार टन था। सुपर एनाकोंडा मालगाड़ी को व्यस्त रूट में से एक लाजकुरा से राउरकेला के बीच 120 किलोमीटर चलाया गया। सुपर एनाकोंडा ने यह दूरी तकरीबन 2:15 घंटे में तय की।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह एक खास अनुभव रहा है जब 3 और 4 मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर चलाया गया है। इलेक्ट्रिक इंजन को जोड़ कर पूरी रफ्तार में चली। रेलवे ने यह अनोखा प्रयोग किया है ताकि मालगाड़ियों को भी भविष्य में रफ्तार दे सकें। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर निर्माण के बाद डबल स्टेक रेल ट्रैक पर दौड़ेगी।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि लंबी मालगाड़ी के अलावा अन्नपूर्णा, अंबा और अंत्योदय मालगाड़ी चल रही है। पिछले दो महीने में 92 लाख टन माल को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने में कामयाबी इन मालगाड़ियों से मिली है। इससे उत्तर रेलवे को 1418.5 करोड़ रुपये का मुनाफा भी हुआ है। अन्नपूर्णा मालगाड़ी 13 राज्यों तक पहुंची तो अंत्योदय 17 राज्यों में और तरह अंबा 11 राज्यों तक अन्न का भंडार पहुंचा चुकी हैं।