कोरोना काल में 169 दिनों बाद येलो लाइन पर मेट्रो सेवा सोमवार से दुबारा चल पड़ी। सुबह पहले चार घंटों में करीब करीब 7500 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। यह संख्या मेट्रो प्रशासन के अनुमान से कम रही, फिर भी लोगों की भीड़ न होने पर कोविड प्रोटोकॉल लागू करने में मेट्रो प्रशासन को दिक्कत नहीं आई। बावजूद इसके मेट्रो में प्रवेश करने में सुरक्षा जांच, थर्मल स्क्रीनिंग, कार्ड आदि से जुड़ी औपचारिकताएं पूरा करने में भी यात्रियों का आम दिनों से ज्यादा समय जाया हुआ। दो शिफ्ट में आई इस तरह की परेशानियां के बीच यात्री तुलनात्मक तौर पर मेट्रो चलने से खुश दिखे। उधर, लंबे समय से बंद मेट्रो स्टेशन और सीढिय़ां भी पहले से अलग दिख रही थी। मास्क और शील्ड पहने सुरक्षाकर्मी हाथों में सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग के साथ मुस्तैद रहे। मेट्रो कर्मियों की नजर संक्रमण से बचाव पर टिकी थी।
169 दिनों बाद चली मेट्रो तो लोगों में दिखा गजब का उत्साह, लेकिन नेटवर्क में दिक्कत से यात्री हुए परेशान
मेट्रो में सवार होने से पहले सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का यात्रियों ने पूरी तरह पालन किया। पहले दिन नेटवर्क में आई परेशानी की वजह से यात्रियों को स्मार्ट कार्ड के लिए इंतजार करना पड़ा। खासकर अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों पर कैशलेस ट्रांजेक्शन में अधिक वक्त लगा। जबकि जिन्होंने पहले ऑनलाइन पेंमेंट से कार्ड खरीदे भी थे, उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह सात बजे हुडा सिटी सेंटर से मेट्रो सेवाएं शुरू हो गईं, लेकिन बीच के स्टेशनों पर नेटवर्क में आई परेशानी के कारण राजीव चौक के आगे कई स्टेशनों पर यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। पूछताछ के लिए काउंटर पर भी भीड़ रही।
दूसरी तरफ हुड्डा सिटी सेंटर से समयपुर बादली तक के करीब 49 किलोमीटर के सफर में यात्रियों की संख्या काफी कम रही। इससे कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाने में पहले दिन मेट्रो प्रशासन को सहूलियत थी। कुछ स्टेशन तो ऐसे भी थे जहां एक भी यात्री सवार होने के लिए मौजूद नहीं था। यात्रियों का कहना था कि इतने दिनों बाद मेट्रो सेवाएं शुरू हो रही है, लेकिन इसलिए बेहद जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। चरणों में अलग अलग लाइन पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने से यात्रियों के साथ साथ डीएमआरसी को भी सेवाओं में आई कमियों को दूर करने का मौका मिलेगा। 12 सितंबर के पहले तक स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पांच फीसदी यात्रियों ने ही पहले चार घंटों में सफर
येलो लाइन के सुबह के शुरुआती चार घंटे में महज 7500 लोगों ने ही सफर किया। एक कोच में 10 बजे के बाद करीब 15 यात्री थे जबकि सुबह के पहले दो घंटों में एक कोच में औसतन 1-3 यात्री सफर करते दिखे। सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करते हुए भी एक कोच में 50-60 यात्रियों के होने का अनुमान था जबकि यह संख्या औसतन तीन यानि पांच फीसदी ही रही।
कम खुले, एंट्री-एक्जिट गेट
मेट्रो सेवाएं शुरू होने पर पहले दिन येलो लाइन पर अधिकतर स्टेशनों पर एक ही एंट्री गेट खुले। समयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर-18, हैदरपुर बादली, जहांगीरपुरी, आदर्श नगर, आजादपुर, मॉडल टाउन, गुरु तेग बहादुर नगर, विश्वविद्यालय, विधानसभा, सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, नई दिल्ली, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, लोक कल्याण मार्ग, जोरबाग, दिल्ली हाट, आईएनए, एम्स, ग्रीन पार्क, हौज खास, मालवीय नगर, साकेत, कुतुब मीनार, छतरपुर ,सुल्तानपुर, घिटोरनी, अर्जन गढ़, गुरु दोणाचार्य, सिकंदरपुर, एमजी रोड, इफको चौक, हुडा सिटी सेंटर तक पहुंचने में भी मेट्रो नियत समय से 20-25 सेकेंड अधिक देर के लिए रुकी। हालांकि, मेट्रो प्रशासन ने पहले ही इसके बारे में जानकारी दे दी थी। साथ ही हर मेट्रो स्टेशन के खुलने वालों का डाटा डीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद था।