गुरुग्राम गोलीकांड से पूरा शहर हिल गया था। इस घटना में जज की पत्नी और बेटे को गनर ने गोली मार दी थी। इलाज के दौरान जज की पत्नी की मौत हो गई थी। वहीं घायल जज के बेटे की मंगलवार सुबह मौत गई। इसके बाद एक और बात सामने आई है।
बता दें कि डीसीपी क्राइम गुरुग्राम ने एक प्रेस कांफ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया था कि 13 अक्तूबर को हुई पूरी घटना गुस्से में आकर की गई। महिपाल ने हत्या की कोई योजना पहले से नहीं बनाई थी। बल्कि उस दिन कुछ ऐसा हुआ कि गनर को गुस्सा आया और उसने जज की बीवी और बेटे पर गोली चला दी।
एसआईटी ने अपनी जांच के बारे में जो खुलासे किए हैं उससे इस पूरे गोलीकांड का मकसद ही बदल गया है। एसआईटी ने बताया कि इस पूरी वारदात का धर्म परिवर्तन से कोई संबंध ही नहीं है। न ही गनर महिपाल जज के परिवार से किसी बात से नाराज था। बल्कि उसने तो जांच अधिकारियों को बताया है कि वह जज और उसके परिवार की काफी इज्जत करता है और उन सब की काफी तारीफ भी की।
डीसीपी क्राइम सुमित ने बताया कि जज की पत्नी और बेटे 13 अक्तूबर को गुरुग्राम के सेक्टर-49 स्थित मार्केट में कुछ खरीदारी करने गए थे। जब वह वापस लौटे तो गनर कार के पास मौजूद नहीं था। वह उन्हें छोड़कर कहीं चला गया था। काफी देर बाद जब महिपाल वापस आया तो उन दोनों ने उसे सबके सामने काफी डांट लगाई।
इसी बात से वह गुस्से से भर गया और आवेश में आकर उसने जज की पत्नी और बेटे ध्रुव पर गोली चला दी। बताया जा रहा है कि महिपाल को ध्रुव ने थप्पड़ भी मारा था। मंगलवार सुबह ध्रुव की मौत हो गई, इस दौरान उसका दिल, जिगर और गुर्दा दान कर दिया गया है।