आधार कार्ड बनवाना और संशोधन अब आसान नहीं रहा। जिले में 15 से 20 हजारों लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए इधर से उधर चक्कर लगा रहे हैं। इसका कारण आपको भी परेशान कर सकता है।
आधार बनवाना और उसमें बदलाव करवाना नहीं रहा आसान, ये हैं परेशानियां
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सरकार के आदेश पर निजी सुविधा केंद्र पर आधार बनने बंद हो गए हैं। सिर्फ सरकारी सुविधा केंद्रों पर अब यह काम होगा। इससे दिक्कत यह हुई है कि अचानक भीड़ बढ़ गई है। मांग के मुताबिक काम नहीं हो रहा। सर्वर की परेशानी अलग है। तहसील और कलक्ट्रेट के सुविधा केंद्रों पर लंबी लाइन लग रही हैं। लोगों को आधार कार्ड बनवाने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ रहा है।
आधार पंजीकरण के नाम पर फर्जीवाड़ा को देखते हुए सरकार ने प्राइवेट आधार केंद्रों को बंद कर दिया है। जिले में 350 जन सुविधा केंद्रों पर आधार कार्ड बनने की सुविधा थी। करीब 300 केंद्रों पर आधार बन और संशोधन हो रहा था। सरकारी जन सुविधा केंद्रों की संख्या करीब 10 ही है। इनमें कलक्ट्रेट, सदर तहसील, लोनी व मोदीनगर तहसील के अलावा कुछ अन्य जगहों पर केंद्र संचालित हैं। यहां अक्सर सर्वर डाउन होने की समस्या रहती है। ऐसे में लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
आधार की आवश्यकता
स्कूल में प्रवेश से लेकर गैस सिलेंडर की सब्सिडी, राशन कार्ड में सब्सिडी के अलावा बैंक खाताधारकों को 31 मार्च तक आधार नंबर लिंक कराना अनिवार्य है। आधार नंबर लिंक नहीं होने की स्थिति में बैंक खाता बंद हो सकता है। वहीं, पैन कार्ड से भी आधार लिंक कराना अनिवार्य कर दिया गया है। कुछ लोगों ने आधार कार्ड के लिए प्रक्रिया तो पूरी कर ली है, लेकिन आधार कार्ड बनकर ही नहीं आया, उन्हें आधार कार्ड बनाने के लिए दोबारा सेंटर से संपर्क कर दोबारा आधार कार्ड के लिए प्रक्रिया पूरी करनी है।
बुजुर्गों को दिक्कत
पेंशन धारकों को बैंकों के माध्यम से ही पेंशन मिलता है। इन्हें भी बैंक खातों को आधार लिंक कराना अनिवार्य है। बुजुर्गों का फिंगर निशान नहीं क्लियर होने की वजह से आधार कार्ड नहीं बन पाया। वह परेशान हैं। संशोधन के लिए बुजुर्ग भी लाइन में हैं।