ये हैं पिछले तीन साल में देश को दहला देने वाले पांच रेप केस
पिछले 5 दिसंबर 2014 को दिल्ली में उबर कैब में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली 27 वर्षीय युवती को डरा धमका कर ड्राइवर ने ही रेप कर दिया। मंगलवार को इस केस में फैसला सुनाते हुए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी ड्राइवर शिव कुमार को उम्र कैद की सजा सुनाई है।
ये हैं पिछले तीन साल में देश को दहला देने वाले पांच रेप केस
अगस्त 2013 को एक अंग्रेजी मैग्जीन के लिए काम करने वाली 22 साल की फोटोजर्नलिस्ट युवती का पांच लोगों ने रेप किया। असल में वह मुंबई स्थित बंद पड़ी शक्ति मिल में अपना एक असाइनमेंट पूरा करने के लिए अपने एक सहयोगी के साथ गई थी। इस दौरान पांच लोगों ने युवती के साथ रेप किया। आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल था। इस मामले के सामने आने के बाद भी पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते रेप को लेकर गुस्सा भड़क गया था।
ये हैं पिछले तीन साल में देश को दहला देने वाले पांच रेप केस
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में पढ़ने वाली नर्सिंग की 23 वर्षीय छात्रा अपने पुरुष मित्र के साथ फिल्म देख कर वापस अपने घर जा रही थी। वापसी के दौरान दोनों एक प्राइवेट बस में सवार हो गए। बस में सवारियों की संख्या बहुत कम थी। जैसे ही बाकी सवारियां बस से उतरीं बस ड्राइवर सहित पांच लोगों ने दोनों पर हमला कर दिया। युवती से रेप करने के बाद उसके प्राइवेट अंगों में सरिया तक डाल दिया गया। रेप की विभिषिका ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। घटना के दिल्ली में राजपथ पर इतना विशाल और उग्र प्रदर्शन हुआ कि सरकार को रेप के मौजूदा कानून को भी बदलना पड़ा।
ये हैं पिछले तीन साल में देश को दहला देने वाले पांच रेप केस
14 मार्च 2015 को बलात्कार की ऐसी घिनौनी घटना सामने आई जिसे सुन किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। पश्चिम बंगाल के राणघाट में जिसस एंड मेरी कॉन्वेंट स्कूल में छह लोग घुसे और वहां रखे धार्मिक सामान का अपमान किया लूट पाट की और अंत में 71 साल की बुजूर्ग नन के साथ उन छह ने बलात्कार किया। स्कूल में लगे सीसीटीवी में ये सारे आरोपी कैद हो गए और जल्द ही पकड़े गए। जांच में पता चला कि ये सभी बांग्लादेश से आए थे।
ये हैं पिछले तीन साल में देश को दहला देने वाले पांच रेप केस
मई 2014 में उत्तर प्रदेश का बदायूं जिला पूरे देश में अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया। इस गांव में पेड़ पर लटकती दो बहनों की लाश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियों में आ गया। इस मामले में दोनों बहनों से गैंगरेप के आरोप में यूपी पुलिस के दो अधिकारी सस्पेंड कर दिए गए और मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। हालांकि, सीबीआई ने अपनी जांच में इसे रेप और हत्या का मामला मानने से इनकार कर दिया। सीबीआई की लापरवाही के कारण दोनें बहनों की लाश बाढ़ के पानी में बह गई और यह मामला अनसुलझा ही रह गया।