योग न केवल स्वास्थ्य को ठीक रखता है, बल्कि करिअर का भी एक बेहतर ऑप्शन बनकर सामने आया है। उत्तराखंड के कई युवाओं ने योग को अपनी आजीविका का साधन बना लिया है। फिर बात चाहे बागेश्वर के प्रकाश सिंह गढ़िया की हो या फिर हल्द्वानी ज्योति और देहरादून की स्वाति की। आज यह सभी दिल्ली और मुंबई में योग की अलख जगा रहे हैं।
उत्तराखंड के इन युवाओं ने देशभर में जलाई योग की अलख
2 of 5
yoga teacher from uttarakhand
हल्द्वानी की ज्योति चुफाल भी योग के क्षेत्र में लोगों को प्रशिक्षत कर रही हैं। महिला डिग्री कॉलेज में योग की प्रवक्ता ज्योति ने बताया कि अज करीब 37 लड़कियां उनसे प्रशिक्षण ले रही हैं। देहरादून निवासी नीलम कंडवाल पिछले चार साल से मुंबई में लोगों को योग का प्रशिक्षण दे रही हैं। उन्होंने भी इसे बतौर कॅरिअर अपना लिया हैं। उन्होंने बताया कि अब वे देहरादून में भी युवाओं को योग का प्रशिक्षण दे रही हैं।
उत्तराखंड के इन युवाओं ने देशभर में जलाई योग की अलख
3 of 5
yoga teacher from uttarakhand
मूल रूप से कपकोट ब्लॉक के ग्राम पोथिंग निवासी प्रकाश सिंह गढ़िया की सफल कोशिश ने योग को बेहतर कॅरिअर के तौर पर अपनाया है। वह वैदिक पावर योग के माध्यम से दिल्ली समेत भारत के विभिन्न राज्यों में योग प्रशिक्षक तक मुहैया कराते हैं। सरमूल योग ग्रुप के संचालक प्रकाश उत्तराखंड, राजस्थान, यूपी और बिहार के युवाओं को योग के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। उनके ग्रुप के माध्यम से करीब 40 से 50 युवा जुड़े हुए हैं।
उत्तराखंड के इन युवाओं ने देशभर में जलाई योग की अलख
4 of 5
yoga teacher from uttarakhand
देहरादून की स्वाति सेमवाल पेशे से मॉडल हैं। उनकी कई म्यूजिक एलबम और एड फिल्म आ चुकी हैं। स्वाति ने भी मॉडलिंग के साथ-साथ योग को एक ऑप्शन के तौर पर अपनाया है। स्वाति बताती हैं कि इस साल मैंने योग पर एक वीडियो बनाया है, जिसका नाम है ‘ब्रीथ।’ आज बड़े शहरों में लोग डिप्रेशन और एनजाइटी से बीमारियों से पीड़ित हैं। मैं इस वीडियो के माध्यम से उन्हें बताना चाहती हूं कि ‘जितना भी हो जाए जब तक आपकी सांस है, तब तक कुछ भी बुरा नहीं हो सकता है, बशर्ते हम अपनी सांस को सही रखें और यह योग से ही संभव हैं। उन्होंने कहा कि युवा भी योग को एक ऑप्शन के तौर पर अपना सकते हैं।
उत्तराखंड के इन युवाओं ने देशभर में जलाई योग की अलख
5 of 5
yoga teacher from uttarakhand
इसे समाज सेवा के लिए समर्पित भाव कहें या फिर योग के प्रति इतना प्रेम कहें कि कोई अपना घर-बार छोड़कर बीते सात वर्षों से लगातार घर-घर जाकर लोगों को योग सिखा रहा है। ऐसा ही एक नाम है संतोष बत्र्वाल। जिन्होंने न केवल लोगों को योग के प्रति जागरूक किया, बल्कि घर-घर जाकर महिलाओं व पुरूषों को योग भी निशुल्क सिखा रही है। रुद्रप्रयाग मे तल्लानागपुर क्षेत्र के स्यूपुरी की रहने वाली संतोष बत्र्वाल बीते डेढ़ वर्ष से नगर मुख्यालय समेत आसपास के गांवों में पहुंचकर लोगों को योग की शिक्षा दे रही हैं।
Published By : Nirmala Suyal