सुरंग के भीतर ऑगर मशीन का ब्लेड फंसने के बाद रविवार को मजदूरों तक पहुंचने के चार प्लान पर काम तेज हो गया है। एक ओर जहां भीतर फंसे ब्लेड को काटने में तेजी आई, तो टनल के ऊपर व दूसरे छोर से भी तीन योजनाओं के कार्यों में तेजी आई है।
Uttarkashi Tunnel: निराशा से उबरकर 15वें दिन फिर मजदूरों तक पहुंचने के चार प्लान तेज, रविवार को हुए ये काम
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मजदूरों तक पहुंचने के लिए रविवार को हुए काम
सुरंग के ऊपर : सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) की टीम ने वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू किया। खबर लिखे जाने तक 1.2 मीटर व्यास की 20 मीटर तक वर्टिकल ड्रिल हो चुकी थी। एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद के मुताबिक, 86 मीटर तक ड्रिलिंग होनी है। जिसमें दो दिन का समय लग सकता है। बताया, एक ड्रिलिंग रिक की क्षमता 40 मीटर ड्रिल की है। इसके बाद रिक को बदला जाएगा।
सुरंग के अंदर : लेजर और प्लाज्मा कटर पहुंचने के बाद काम में तेजी आई है। सरियों व लोहे के पाइप के कारण फंसे ब्लेड को काटा गया। सचिव डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया, अब केवल 13.9 मीटर ब्लेड काटना बचा है। रविवार रातभर इसे काटने का काम जारी रहेगा। सोमवार से यहां मैन्युअल खोदाई शुरू करने की योजना है। आगे की बाधाओं को मैन्युअल ढंग से लेजर व प्लाज्मा कटर से दूर कर मलबा हटाने का काम होगा। यहां से मजदूर सबसे करीब हैं।
सुरंग के दूसरे सिरे पर : पोलगांव बड़कोट वाले छोर पर टीएचडीसी की ओर से ढाई मीटर व्यास की सुरंग बनाने का काम जारी है। यहां अब तक चार ब्लास्ट कर 10 मीटर तक सुरंग तैयार कर ली गई है। ब्लास्टिंग में विशेष सावधानी बरती जा रही है। यहां से करीब 400 मीटर सुरंग का काम शेष था। ऐसे में यहां से सुरंग तैयार करने में लंबा समय लग सकता है।
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