फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue Operation BSNL extended line inside the tunnel and installed exchange

Tunnel Collapse: सुरंग में फंसे 41 मजदूरों के पास बजी बीएसएनएल की घंटी, एक छोटा लैंडलाइन फोन भी पहुंचा

Sun, 26 Nov 2023 08:56 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो. सिलक्यारा (उत्तरकाशी)।
अमर उजाला ब्यूरो. सिलक्यारा (उत्तरकाशी)। Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 26 Nov 2023 08:56 PM IST
सार

12 नवंबर को मलबा आने की वजह से जब 41 मजदूर सुरंग के भीतर फंसे तो उनसे बातचीत का एकमात्र जरिया चार इंच का पाइप था, जिसमें बेहद धीमी आवाज आ रही थी। तीन दिन पहले एसडीआरएफ ने यहां कम्युनिकेशन डिवाइस लगाया। अब रविवार को बीएसएनएल ने भी अपना कम्युनिकेशन सेटअप लगा दिया।

विज्ञापन
Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue Operation BSNL extended line inside the tunnel and installed exchange
उत्तरकाशी सुरंग में फंसे हैं 41 मजदूर - फोटो : amar ujala

विस्तार

सुरंग में 15 दिन से फंसे मजदूरों के पास रविवार को पहली बार बीएसएनएल की घंटी बजी। इसके लिए बीएसएनएल ने छह इंच के पाइप की मदद से अपनी लाइन पहुंचाने के साथ ही एक छोटा लैंडलाइन फोन भी पहुंचा दिया है।

विज्ञापन

अब बाहर बैठे रेस्क्यू अभियान के अधिकारी उनसे और बेहतर ढंग से संवाद स्थापित कर पा रहे हैं। 12 नवंबर को मलबा आने की वजह से जब 41 मजदूर सुरंग के भीतर फंसे तो उनसे बातचीत का एकमात्र जरिया चार इंच का पाइप था, जिसमें बेहद धीमी आवाज आ रही थी।

विज्ञापन


छोटे लैंडलाइन की मदद से की जा रही बातचीत
छह इंच का पाइप पहुंचने के बाद तीन दिन पहले एसडीआरएफ ने यहां कम्युनिकेशन डिवाइस लगाया, जिसके लिए माइक्रोफोन व स्पीकर भीतर भेजे गए थे। इसके माध्यम से लगातार मजदूरों से बातचीत की जा रही थी। रविवार को बीएसएनएल ने भी अपना कम्युनिकेशन सेटअप लगा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीएसएनएल के डीजीएम पीके शर्मा ने बताया कि वहां एक्सचेंज स्थापित कर दिया गया है। बताया कि छह इंच के पाइप की मदद से भीतर लाइन पहुंचा दी गई है। एक छोटे लैंडलाइन की मदद से अब उनसे बातचीत की जा रही है।


ये भी पढ़ें...सुरंग में फंसीं जानें: देव पर भरोसा...कही ये बात जरूर होगी पूरी, मजदूरों की सलामती के लिए ईष्ट की शरण में लोग

कहा, जब कोई इधर से फोन करता है तो वहां घंटी बजती है। इसके बाद मजदूर उसके माध्यम से आसानी से बात कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मजदूरों को बाहर का नंबर बता दिया गया है। वे यहां बीएसएनएल के नंबर पर फोन कर पा रहे हैं। जब भी उन्हें कोई जरूरत होगी तो वह सीधे फोन घुमाएंगे और बचाव दल उस पर कार्रवाई कर सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed