उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार तीन दिन से रुक-रुककर बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के बाद खूबसूरत वादियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं। चमोली जिले में बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, गोरसों बुग्याल, औली सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
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बदरीनाथ में बर्फबारी के बाद का नजारा
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बदरीनाथ धाम में करीब डेढ़ फीट और हेमकुंड साहिब में करीब दो फीट बर्फ जम गई है। मंगलवार को औली का तापमान अधिकतम छह डिग्री और न्यूनतम माइनस तीन डिग्री, जोशीमठ का अधिकतम आठ डिग्री और न्यूनतम माइनस एक और गोपेश्वर का तापमान अधिकतम 13 डिग्री और न्यूनतम छह डिग्री रहा।
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औली में बर्फबारी के बाद पहुंचे पर्यटक
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बर्फबारी होते ही बड़ी संख्या में पर्यटक औली पहुंचे। केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला, कालशिला समेत जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है, जबकि निचले इलाकों में दिनभर में कई बार रुक-रुकर बारिश होती रही। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भड़की जंगल की आग बुझने पर वन विभाग के साथ स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
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बदरीनाथ क्षेत्र का नजारा
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तड़के से ही रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, गुप्तकाशी, ऊखीमठ में बारिश हो रही है। इस दौरान जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ समेत जिले के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तीसरे दिन भी बर्फबारी हुई।
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गंगोत्री धाम में बर्फबारी
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यमुनोत्री व गंगोत्री धाम भी बर्फ से ढक गए हैं, जबकि गंगा घाटी में सुक्की से आगे हर्षिल, धराली, मुखबा, यमुनोत्री घाटी में गीठ पट्टी के खरसाली, नारायणपुरी आदि एक दर्जन गांवों तथा गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र के ओसला, पवाणी, गंगाड़, ढाटमीर आदि गांवों में बर्फ की चादर बिछ गई है।