राज्य स्थापना दिवस के मौके पर उत्तराखंड में आयोजित भारत भारती उत्सव में देश की सांस्कृतिक एकता के विविध रंग देखने को मिले। प्रदेश में अध्ययनरत 22 राज्यों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इन लोक संस्कृतियों की प्रस्तुतियों को देखकर अभीभूत हुए।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें लगा कि यदि वह उत्तराखंड जाएंगे तो उनकी पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। उत्तराखंड के लोगों से मुलाकात होगी। उन्हें भारत के भविष्य का दर्शन करने का मौका मिलेगा। यही सोचकर वह यहां आए हैँ। उन्होंने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है, जहां संस्कृति एक दूसरे को जोड़ती है।
इससे पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में यूपीईएस, डीआईटी, ग्राफिक ऐरा, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, दिल्ली पब्लिक स्कूल, डाल्फिन इंस्टीट्यूट सहित विभिन्न संस्थानों ने विभिन्न प्रांतों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। जिसमें डॉल्फिन विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मिजोरम वेशभूषा में वहां का सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। डीपीएस के छात्र-छात्राओं ने फसल पकने के बाद मनाए जाने वाले लोक उत्सव की प्रस्तुति दी।
छात्र-छात्राओं ने शंकरा ओम शंकरा पर नृत्य, ग्राफिक ऐरा के छात्र-छात्राओं ने नेपाली नृत्य एवं नंदा राजराज यात्रा की प्रस्तुति दी, उत्तरांचल विश्वविद्यालय के छात्रों ने मणिपुरी नृत्य एवं डीआईटी के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी। इससे पहले देश के कई राज्यों की संस्कृति को दर्शाती सांस्कृतिक शोभा यात्रा भी निकाली गई।
राज्य स्थापना दिवस पर पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सलामी ली। उन्हाेंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने की बड़ी चुनौती है। नशा उन्मूलन को सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। उधर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद आंदोलनकारियों को नमन करते हुए राज्य के समग्र विकास के संकल्प को दोहराया।