उत्तराखंड में शुक्रवार को बारिश से अचानक नदियों का जलस्तर बढ़ गया। मैदान से लेकर पहाड़ तक नदियां उफान पर हैं। ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर देर रात अचानक बढ़ने से लोग दहशत में आ गए। वहीं चमोली, रुद्रप्रयाग और श्रीनगर में भी अलकनंदा और मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुच गई। उधर, कुमाऊं में धौली और काली नदी के जलस्तर में और अधिक वृद्धि हो गई है।
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योगनगरी ऋषिकेश में शुक्रवार रात करीब आठ बजे गंगा का जलस्तर अचानक बढ़कर खतरे के निशान के पास पहुचं गया। आनन-फानन प्रशासन ने गंगा के आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने तटीय इलाकों को खाली कराना शुरू कर दिया है।
स्टेट कंट्रोल रूम से अलर्ट जारी होने के साथ तहसील प्रशासन सक्रिय हो गया। एसडीएम मनीष कुमार के निर्देश जारी करने के साथ ही प्रशासन की टीम ने गंगा से सटे चंद्रेश्वर नगर, त्रिवेणी घाट समेत गंगा से सटे विभिन्न इलाकों को खाली करा दिया। बता दें कि मौसम विभाग ने शुक्रवार को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई थी। जिसके चलते मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया हुआ है।
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ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
ऋषिकेश में चंद्रभागा, गौहरी माफी, खदरी माफ में लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। इसके साथ नगर निगम की ओर से लोगों को सावधान करने के लिए मुनादी कराई जा रही है। त्रिवेणी घाट, परमार्थ निकेतन, सांईघाट, नावघाट का काफी हिस्सा पानी में डूब चुका है। प्रशासन की टीम लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
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ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
एसडीएम मनीष कुमार का कहना है कि गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। एहितयात के लिए गंगा के आसपास के इलाकों को खाली कराया गया है। गंगा से सटे इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
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खतरे के निशान पर पहुंची अलकनंदा
- फोटो : अमर उजाला
रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। अलकनंदा नदी 627 और मंदाकिनी नदी 626 मीटर पर बह रही हैं, जो मूल बहाव से दो मीटर ऊपर है।
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श्रीनगर में अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
श्रीनगर में भी अलकनंदा नदी का जल स्तर बढ़ गया। बढ़ते जल स्तर और नदी में आ रहे मलबे को देखते हुए श्रीनगर जल विद्युत परियोजना झील से पानी छोड़ा गया। शुक्रवार को दिनभर श्रीनगर में जलस्तर घटता-बढ़ता रहा और कई बार यहां जल स्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया।