प्रदेश में बिजली की कीमतों में गुपचुप वृद्धि करने की तैयारी पूरी हो गई है। शासन ने जल विद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली बिजली पर सेस और रॉयल्टी की दर को 80 पैसे से बढ़ाकर दो रुपये प्रति यूनिट करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
इस संबंध में शासनादेश (जीओ) बुधवार को जारी होने की संभावना है। नोटिफाइड विद्युत दर की सीमा को बढ़ाने से यूपीसीएल द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली बिजली कीमतों में 17 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
बता दें कि नोटिफाइड विद्युत दर की सीमा में वृद्धि करने की तैयारी काफी समय से चल रही है। यूजेवीएनएल की ओर से इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की स्थिति में बिजली महंगी हो सकती थी, लिहाजा इस प्रस्ताव को गोपनीय तरीके से कैबिनेट की बैठक में लाया गया था।
कैबिनेट ने इसके लिए सचिव समिति गठित करने का सुझाव दिया था। जानकारी के मुताबिक सचिव समिति ने इस प्रस्ताव को सहमति दे दी, जिसके बाद वित्त और विधायी विभाग से भी इसकी मंजूरी ली गई। मंगलवार को शासन ने भी इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है।
प्रभारी सचिव ऊर्जा राधिका झा ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जीओ बुधवार को जारी हो सकता है। इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने से यूजेवीएनएल द्वारा यूपीसीएल को दी जाने वाली बिजली की औसत कीमत 1.72 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 2.01 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी। उपभोक्ताओं पर इसका भार 17 पैसे प्रति यूनिट के रूप में पड़ेगा।