यहां अपने आप एक साथ 200 प्रजाति के फूल खिल जाते हैं। जिसे देखने के लिए पर्यटकों का जमावड़ा लग जाता है।
फूलों की घाटी में रंग-बिरंगे फूलों का खिलना शुरू हो गया है। यहां पॉटेंटिला, एनीमून और एरिकुला सहित करीब 200 प्रजाति के फूल खिले हुए हैं। इन दिनों घाटी में दूर-दूर तक फूलों की महक फैल रही है।
इन दिनों यहां पर्यटकों की चहलकदमी भी बढ़ गई है। एक जून को घाटी देशी-विदेशी सैलानियों के लिए खुली थी और इन 24 दिनों में 1150 पर्यटक घाटी का दीदार कर चुके हैं।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद फूलों की घाटी वर्ष 2015 में पर्यटकों के लिए खोली गई, लेकिन पर्यटकों की संख्या में इजाफा नहीं हो पाया। स्थितियां सुधरी तो वर्ष 2016 में फूलों की घाटी में रिकार्ड दस हजार पर्यटक उमड़े। इस बार भी घाटी में पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
फूलों की घाटी घूमने आए पश्चिम बंगाल के पर्यटक भुवनेश, मुकुल और अरविंद जैन का कहना है कि घाटी तक पहुंचने के लिए पैदल दूरी अधिक होने से थक गए थे, लेकिन यहां पहुंचते ही फूलों की खुशबू से तरोताजा हो गए। दिल्ली के पर्यटक धनंजय शर्मा और कनकता का कहना है कि फूलों की घाटी बेहद खूबसूरत है। यहां पर्यटन सुविधा बढ़ाई जानी चाहिए।