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टोक्यो ओलंपिक: अपने गरीबी के दिन याद कर भावुक हुईं हॉकी स्टार वंदना, बोलीं- एक ही जोड़ी जूते पहनते थे बारी-बारी 

Thu, 12 Aug 2021 02:30 AM IST
अलका त्यागी बसंत कुमार, अमर उजाला, हरिद्वार
बसंत कुमार, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 12 Aug 2021 02:30 AM IST
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Tokyo Olympics: Indian women hockey star Vandana katariya  Emotional after Remember Old Days
हरिद्वार पहुंचीं वंदना कटारिया - फोटो : अमर उजाला

खास और आम लोगों के स्वागत से खुश इतिहास रचने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया अपने गरीबी के दिनों को याद करना नहीं भूलीं। उन्होंने कहा कि अधिकांश खिलाड़ी गरीब घरों से आते हैं। खेलों की तैयारी करने में गरीबी सबसे बड़ी बाधा बनती है।



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उन्होंने कहा कि 2004 में जब वह और उनकी बहन रीना कटारिया स्पोर्ट्स स्टेडियम में अभ्यास करती थीं तो दोनों के पास अलग-अलग जूतों की जोड़ी नहीं थी। इसलिए एक जोड़ी से बारी-बारी से अभ्यास करते थे। उन्होंने कहा कि गरीब घरों की प्रतिभाओं को आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करके सामने लाने की जरूरत है। 

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वंदना टोक्यो ओलंपिक की तैयारी के लिए करीब डेढ़ साल पहले घर से निकल गई थीं। वंदना ने बताया कि वह भारत को गोल्ड मेडल लाने के लिए अपना घर परिवार भी भूल बैठी थी। अपने पिता से भी टोक्यो ओलंपिक से मेडल लाने का वादा किया था।

उन्होंने बताया कि इसलिए वह अंतिम समय में पिता के दर्शन करने के लिए गांव नहीं आ पाई। वंदना ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक के शुरूआत के तीन मैचों में हार मिलने के बाद उनकी टीम पूरी तरह से टूट गई थी, लेकिन इसके बाद शुरू हुए पॉजिटिव मोटिवेशन से टीम और उसमें बहुत ऊर्जा का संचार पैदा हुआ।

Tokyo Olympics: Indian women hockey star Vandana katariya  Emotional after Remember Old Days
हरिद्वार पहुंचीं वंदना कटारिया - फोटो : अमर उजाला

मोटीवेशन के बाद टीम ने हर हालत में जीत की ठान ली थी। इसी सकारात्मक सोच के बल पर वह न केवल क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। बल्कि सेमीफाइनल तक गए और कांस्य पदक के लिए भी प्रतिद्वंद्वी टीमों से नजदीकी मुकाबले में पीछे रह गए। 

Tokyo Olympics: Indian women hockey star Vandana katariya  Emotional after Remember Old Days
हरिद्वार पहुंचीं वंदना कटारिया - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल में मेडल के बहुत ज्यादा करीब थे, लेकिन मैच हारने का जीवनभर मलाल रहेगा। उन्होंने कहा कि पापा ने हमेशा बस यही कहा कि बेटा ओलंपिक से पदक लेकर आना। जापान से लौटते समय यही सोच रही थी कि जब घर जाऊंगी तो उस जगह को कैसी देखूंगी। जहां पापा सोते और रहते थे। वंदना ने कहा पापा का यह सपना एक दिन जरूर पूरा करूंगी। 

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Tokyo Olympics: Indian women hockey star Vandana katariya  Emotional after Remember Old Days
हरिद्वार पहुंचीं वंदना कटारिया - फोटो : अमर उजाला

वंदना कटारिया ने कहा कि स्पोर्ट्स स्टेडियम रोशनाबाद उनके लिए बहुत लक्की है। उन्होंने कहा कि मैंने हॉकी की शुरूआत यहीं से की थी। यह उनकी कर्मभूमि है। आज मैं जो कुछ भी हूं वो इसी स्टेडियम में सिखाए गए हॉकी के हुनर से हो सका है। स्टेडियम बहुत अच्छा है और छात्रावास भी है। जिससे यहां हॉकी खिलाड़ियों खासकर लड़कियों के लिए अच्छी सुविधाएं हैं। 

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Tokyo Olympics: Indian women hockey star Vandana katariya  Emotional after Remember Old Days
वदंना क्टारिया - फोटो : अमर उजाला

सम्मान समारोह में अव्यवस्थाएं भी हावी रहीं। कार्यक्रम में व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस की मौजूदगी के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई कोशिश नहीं की गई। वंदना के परिजन और कुछ युवा ही सुरक्षा घेरा बनाकर वंदना को सुरक्षित ले जाते हुए नजर आए।  जिला क्रीड़ा अधिकारी के कक्ष में भारी भीड़ जुटने से अव्यवस्था के साथ एक शीशा भी टूट गया। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं लगी।

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