पंचकेदारों में प्रसिद्ध तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट आज सोमवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे शीतकाल के लिए विधि विधान से बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत तुंगनाथ के स्वयंभू लिंग को समाधिस्थ किया गया। प्रात: 8 बजे से मंदिर में दर्शन हुए। इसके बाद नौ बजे से कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। 9 नवंबर को बाबा की चल उत्सव विग्रह डोली मंदिर से मर्कटेश्वर मंदिर में शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए विराजमान हो जाएगी।
उत्तराखंड: तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बंद, शीतकालीन गद्दीस्थल मर्कटेश्वर मंदिर होंगे अब विराजमान
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पंच केदार में तृतीय तुंगनाथ में इस वर्ष दर्शनार्थियों की संख्या 27000 पहुंची, जो नया रिकॉर्ड है। इससे पूर्व वर्ष 2017 में 24 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन किए थे।
इस वर्ष तृतीय केदार के कपाट 6 मई को खोले गए थे। चारधाम यात्रा में उमड़े श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते तृतीय केदार तुंगनाथ में भी इस वर्ष पूरे सीजन में श्रद्घालु आते रहे। मई तीसरे सप्ताह से जून तीसरे सप्ताह तक एक माह में ही यहां 12 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच गए थे।
बरसाती सीजन में यात्रियों की संख्या बहुत कम रही। वहीं, सितंबर और अक्तूबर में यात्रा के रफ्तार पकड़ते ही तृतीय केदार भी दर्शनार्थियों का आंकड़ा बढ़ने लगा। मंदिर के प्रबंधक बीएस नेगी ने बताया कि इस वर्ष 6 मई से 5 नवंबर तक तृतीय केदार तुंगनाथ के दर्शनों के लिए कुल 27000 श्रद्घालु पहुंच चुके हैं।
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इस वर्ष द्वितीय केदार मद्महेश्वर भगवान के दर्शनों को रिकॉर्ड शिव भक्त पहुंचे हैं। द्वितीय केदार की यात्रा में अभी तक कुल 7441 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। द्वितीय केदार के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने बताया कि पूरे यात्राकाल में अभी तक प्रतिदिन श्रद्धालु पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि 18 नवंबर को द्वितीय केदार के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने तक दर्शनार्थियों की संख्या आठ हजार तक पहुंचने की उम्मीद है।