अल्मोड़ा के स्याल्दे ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल में तैनात चार शिक्षकों की कार धनगढ़ी नाले की बाढ़ में बह गई। स्थानीय लोगों की मदद से सभी शिक्षकों को बचा लिया गया। ग्राम कानिया निवासी योगेंद्र सिंह बिष्ट, मोहल्ला भरतपुरी के हरीश चंद्र, काशीपुर के कृष्ण कुमार, स्याल्दे निवासी खुशहाल सिंह स्याल्दे ब्लॉक अल्मोड़ा के जूनियर हाईस्कूल कल्याणपुरी में शिक्षक हैं। वह रोजाना एक कार से स्कूल जाते हैं।
सोमवार सुबह छह बजे स्कूल जाते समय योगेंद्र सिंह बिष्ट की वेगनआर कार यूके 04एम 7461 से निकले थे। करीब साढ़े छह बजे उनकी कार धनगढ़ी नाले के बीच में बंद हो गई, तब बहाव कम था। काफी देर तक प्रयास करने के बावजूद कार स्टार्ट नहीं हुई। इस दौरान करीब साढ़े आठ बजे अचानक धनगढ़ी नाले में पानी का बहाव तेज हो गया और उनकी कार करीब 50 मीटर दूरी तक बह गई।
बाढ़ के कारण करीब आधा घंटे तक यातायात बाधित रहा, पानी का बहाव कम होने के बाद यातायात सुचारु हो सका। कार बहने से मौके पर अफरातफरी मच गई तो ग्राम मोहान निवासी त्रिलोक पोखरियाल ने अपने ट्रैक्टर से कार को बाहर निकाला। दमकल कर्मियों समेत पटवारी तारा चंद्र घिल्डियाल ने मामले की जानकारी ली। एसडीएम परितोष वर्मा ने बताया कि कार बहते समय शिक्षक कार में नहीं थे। स्थानीय लोगों की मदद से बह रही कार समेत पास में खड़े शिक्षकों को बचा लिया गया।
बागेश्वर जिले में कपकोट तहसील के पिंडारी ग्लेशियर, सुंदरढुंगा और कफनी ग्लेशियरों से सटी चोटियों पर मौसम का पहला हिमपात हुआ। सोमवार सुबह ये चोटियां बर्फ से लकदक नजर आईं। लझूनी गांव से लगे पंकुवा टॉप की चोटी में हल्की बर्फवारी हुई। इससे क्षेत्र में ठंड की शुरुआत हो गई है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि मानसून अभी अक्तूबर प्रथम सप्ताह तक सक्रिय रहेगा। मानसून अगर 19 प्रतिशत अधिक या कम रहता है तो सामान्य ही माना जाता है। बताया कि अभी झमाझम बारिश की संभावना है।
हरिनगर में सोमवार सुबह फिर दो पहाड़ियां टूटकर बलियानाले में समा गईं। सुबह सात बजे हुए भारी भूस्खलन से स्थानीय लोग दहशत में आ गए और छाता लगाकर बारिश में ही घरों से बाहर भाग खड़े हो गए। जीआईसी के खेल मैदान से सटी एक पहाड़ी और कुछ घरों में भी दरारें आ गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग 35 फुट क्षेत्र नाले में समा गया है। भारी भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एडीएम प्रशासन हरबीर सिंह ने सात परिवारों के 38 सदस्यों को जीजीआईसी में शिफ्ट किया गया है।