हंसी-ठिठोली...बच्चों की खिलखिलाहट.. और फिर कुछ ही देर में सन्नाटा पसर गया। किसी को क्या पता था, कि पलक झपकते ही सब कुछ बदल जाएगा। मासूम सदमे में हैं। अपनों को सुरक्षित देख पाने की तड़प लोगों की आंखों में दिखाई दे रही है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण टेंपो-ट्रेवलर हादसे ने न सिर्फ कई जानें लीं, बल्कि पीछे छूट गए लोगों, खासकर बच्चों को गहरा सदमा दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती 10 वर्षीय पार्थ सोनी बार-बार यही दोहरा रहा है, हे बदरी विशाल तूने ये क्या किया... मेरे मम्मी-पापा कहां हैं... मेरे मम्मी-पापा को लाओ। हालांकि अभी तक उसे यह नहीं बताया गया है कि हादसे में उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है।
दुर्घटनाग्रस्त हुए टेंपो-ट्रेवलर में सवार 20 लोगों में पार्थ सोनी, उसके पिता विशाल सोनी और माता गौरी सोनी भी शामिल थे। तीन धाम की यात्रा के अनुभव और बदरीनाथ की यात्रा के उत्साह के बीच सभी यात्री खुश थे, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने उनकी जिंदगी ही बदल दी है। जो लोग घायल हैं, वे हादसे को याद कर बिलख-बिलख कर रो रहे हैं। इन घायलों में 10 वर्षीय पार्थ भी है, जो हादसे के बाद से लगातार अपने माता-पिता को खोज रहा है।
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अस्पताल में घायल बच्ची
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रेस्क्यू दल ने जब पार्थ को खाई से निकालकर सड़क पर पहुंचाया, तो उसने सबसे पहले अपने माता-पिता के बारे में पूछा, पर रेस्क्यू जवानों के पास कोई जवाब नहीं था। सड़क पर बैठा पार्थ दोनों हाथ जोड़कर कहने लगा, हे बदरी विशाल तूने यह क्या कर दिया।
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घायलों का रेस्क्यू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भगवान तुमने यह क्यों किया...। दहाड़े मारकर रो रहे पार्थ को बड़ी मुश्किल से चुप कराकर रेस्क्यू दल जिला चिकित्सालय लाया, जहां वह बार-बार रो रहा है और अपने माता-पिता के बारे में पूछ रहा है। जैसे ही कोई चिकित्सक या पैरामेडिकल स्टाफ का कोई कर्मी उसके पास पहुंचता है, वह सबसे पहले पूछता है कि उसके माता-पिता कहां हैं। वह क्यों नहीं आए अभी। मुझे कोई तो बताओ, कि वह कहां गए, वह क्यों नहीं आ रहे हैं। आप लोग मुझे क्यों कुछ नहीं बता रहे हैं और फिर जोर-जोर से रोने लगता है।
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घायलों का अस्पताल पहुंचाया गया।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बार-बार फफक उठता है पार्थ
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका राणा ने बताया कि बच्चे को बड़ी मुश्किल से प्राथमिक उपचार दिया गया है। पार्थ को हल्की चोटें आई हैं, लेकिन उसे अभी घटना के बारे में और कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। इस हादसे में घायल एक अन्य 7 वर्षीय भव्य सोनी को भी हल्की चोटें आई हैं। वह भी बार-बार दर्द से बिलबिला रहा है।
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घायलों का रेस्क्यू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे में भव्य की मां भी घायल हुई हैं। अस्पताल में चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के लोग दोनों बच्चों का पूरा ध्यान रख रहे हैं, लेकिन पार्थ दुर्घटना के मंजर को देख-समझ चुका है कि उसके साथ एक बड़ी अनहोनी हो चुकी है। अस्पताल में वह अपने माता-पिता को नहीं पाकर बार-बार फफक-फफक कर रो रहा है।