जंगल से निकलकर आबादी क्षेत्र में दाखिल बारहसिंघा गहरे गड्ढ़े में गिर गया। इसके बाद वहां हंगामा मच गया। देखिए कैसे हुआ रेस्क्यू...
भेल में गहरे गढ़्ढे में गिरे बारहसिंघा को क्रेन की मदद से घंटों की जद़दोजहद के बाद जैसे तैसे बाहर निकाला, वहीं तंबाकू फैक्ट्री में घुसे सांभर को भी पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा। दोनों जानवरों को सुरक्षित जंगल में छोडने के साथ ही राहत की सांस ली।
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- फोटो : hindustan
घटनाक्रम के मुताबिक जंगल से निकलकर एक बारहसिंघा भेल परिसर में पहुंच गया और असावधानीवश वह गहरे गढ़ढे में गिर गया। काफी देर तक तो उसकेबारे में किसी को कुछ पता ही नही चला। बारहसिंघा के शोर मचाने पर जैसे तैसे लोगों को घटना की जानकारी हुई।
आखिरकार वन विभाग और भेल के अधिकारी, कर्मचारी मौके पर पहुंचे। लेकिन रस्सी के जरिए उसे बाहर निकालने में नाकाम रहे। आखिरकार भेल नगर प्रशासक संजय पंवार ने क्रेन और बुलडोजर मौके पर भेजा। बुलडोजर की मदद से गढ़ढे की दीवार को तोड़कर जगह बनायी गई तब जाकर जैसे तैसे बारहसिंघा को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि गढ्ढे में पानी नही था वरन बारहसिंघा का बचना मुश्किल था। उसे बाहर निकालने के साथ ही अफसरों, कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
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सांभर।
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एक अन्य घटनाक्रम के तहत जंगल से निकलकर सांभर ज्वालापुर स्थित तंबाकू फैक्ट्री में पहुंच गया। लोगों ने शोर मचाया तो वह फैक्ट्री के एक कमरे में दुबक गया। आखिरकार सांभर की जानकारी पाकर लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। इसी बीच किसी ने घटना की जानकारी प्रभागीय वनाधिकारी आकाश वर्मा को दी तो उन्होंने विभागीय कर्मचारियों को मौके पर भेजा।