उत्तराखंड में देर रात से हो रही बारिश के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। देहरादून की सड़के बारिश के बाद तालाब बन गई हैं। कई जगह पेड़ गिरने से जाम भी लग गया। वहीं पहाड़ में भी भूस्खलन से रास्ते बंद हो गए हैं।
मसूरी में भी तेज बारिश से तापमान में गिरावट आई है। रात से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चेतावनी के बाद जिला प्रशासन द्वारा भी अलर्ट जारी आपदा प्रबंधन और राहत टीम को सतर्क रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रदेश के कई इलाकों में देर रात से बारिश शुरू हो गई है। राजधानी देहरादून समेत पहाड़ी इलाकों में बारिश से मौसम में ठंडक भी बढ़ गई है। सात जिलों में अगले चार दिन भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार नौ जुलाई से प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी बारिश होगी। विशेषकर राजधानी दून, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी और पौड़ी जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर टिपिन टॉप और अमरू बैंड में पहाड़ी दरकने से भूस्खलन हो गया। चम्पावत राष्ट्रीय राजमार्ग के सहायक अभियन्ता एनसी पाण्डेय ने बताया कि सुबह 7 बजे बजे रास्ता बंद हो गया है। जिसे खोला गया है, लेकिन लगातार बारिश होने के कारण सावधानी से चलने की जरूरत है।