बड़े भाई के सामने छोटे भाई को मौत ऐसे खींचकर ले गई कि वह अब तक सदमे में है। एशियन स्कूल के सातवीं के छात्र कासिम के सामने ही उसके छोटा भाई दारेन काल का ग्रास बन गया। बस की चपेट में आए दारेन को बचाने के लिए उसने अपनी जान जोखिम में डालकर भरसक कोशिश की।
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मृतक दारेन और उसका भाई कासिम
मां के साथ वह घायल भाई को लेकर अस्पताल भी गया, लेकिन अनहोनी को नहीं टाला जा सका। अली खान सिल्थाम में ठेला लगाकर मछलियां बेचने का काम करते हैं। बेटे का शव देख जिला अस्पताल में अली खान बिलख उठे तो कासिम एक स्थान पर गुमसुम बैठा था।
कासिम ने बताया कि दारेन जब टायर की चपेट में आया तो उसने जोर से अंकल-अंकल चिल्लाया। इस पर चालक ने उसे डपट दिया। इसके बाद पिछले टायर से दारेन बुरी तरह कुचल गया। कासिम ने बताया कि उसने भाई को बचाने के लिए टायरों के बीच हाथ डालकर उसे निकालने की कोशिश की। इसमें वह भी बस की चपेट में आने से बचा।
कासिम ने रोते हुए बताया कि टायर दारेन की छाती पर चढ़ गया। इतने पर भी विद्यालय प्रबंधन या अन्य कोई स्टाफ मौके पर नहीं आया। कासिम की बात सुनकर अस्पताल में मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। उनका कहना था कि स्कूल बसों के लिए कोई मानक नहीं है।
लोगों ने स्कूल प्रबंधन और चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि निजी स्कूलों में मानकों का पालन नहीं किया जाता है। बावजूद इसके प्रशासन हमेशा सोया रहता है। एसपी आरसी राजगुरु और सीओ शेखर सुयाल ने हरसंभव कार्रवाई का भरोसा दिलाया।