हाल ही में देहरादून के कोतवाली क्षेत्र के गोविंद गढ़ स्थित बिंदाल नदी के पास मिली नवजात बच्ची की ऐसी दर्दनाक मौत होगी ये किसी ने भी नहीं सोचा था। एक तरफ जहां अपनों ने चंद घंटे पहले पैदा हुई बेटी को रास्ते में मरने के लिए छोड़ दिया वहीं गैरों ने बच्ची को न सिर्फ अस्पताल में भर्ती कराया बल्कि जब उसने अंतिम सांस ली तो उसका अंतिम संस्कार भी किया।
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नवजात बच्ची का अंतिम संस्कार
नवजात बच्ची के शव का भाजपा पार्षद विशाल कुमार ने नम आँखों से अंतिम संस्कार किया। उनका कहना था कि जिस मासूम को वे हँसते खेलते रहने की चाहत के साथ वे अस्पताल में भर्ती करवाकर आए थे, काल के क्रूर हाथों ने उसे हमसे छीन लिया। जिस मासूम का जीवन बचाने के लिए वे हाथों में लेकर अस्पताल ले गए थे उसी को अपने हाथों से दफनाना पड़ेगा ऐसा कभी सोचा भी नहीं था।
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नवजात बच्ची का अंतिम संस्कार
उन्होंने पुलिस प्रशासन से माँग की कि मासूम के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही वे समाज से अपील करते हैं कि बेटियों को जिंदगी दीजिए, क्योंकि बेटियों को जीने का अधिकार है, यही नहीं बल्कि वे आज आगे बढ़ कर माँ बाप का नाम भी रोशन कर रही हैं।
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नवजात बच्ची का अंतिम संस्कार
बता दें कि हाल ही में बिंदाल नदी के पास एक नवजात बच्ची मिली थी। जांच में पता चला कि बच्ची को 25 फीट ऊंचे पुल से नीचे बिंदाल नदी में फेंका था। पुल पर लगी जाली का एक हिस्सा कटा हुआ था। मासूम वहां से तकरीबन 25 फीट नीचे कूड़े करकट और कीचड़ में फेंकी गई थी। कुलदीप ने बताया कि जिस समय उसने मासूम को उठाया उस समय वह बेतहाशा रो रही थी।
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नवजात बच्ची का अंतिम संस्कार
उसके हाथ-पैर टूटे हुए थे। उसे उसने पहले एक कपड़े से साफ किया। फिर महिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उस मासूम ने दोपहर लगभग दो बजे दम तोड़ दिया। इस घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मासूम बस्ती के लोगों में से किसी की नहीं है। शायद उसे बाहर से लाकर यहां नदी में फेंका गया है। लोग इस घटना को अंजाम देने वालों को बार-बार कोस रहे हैं।