फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

खुलासा: किताब माफिया ने बाजार में उतारीं NCERT की डुप्लीकेट पुस्तकें

Fri, 06 Apr 2018 08:11 AM IST
नवीन सक्सेना, अमर उजाला, हल्द्वानी
नवीन सक्सेना, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Fri, 06 Apr 2018 08:11 AM IST
विज्ञापन
ncert duplicate book in market
NCERT

सरकार एक कदम आगे बढ़ी तो किताब माफिया ने उसका भी तोड़ निकाल लिया।  शिक्षा विभाग की ओर से प्रकाशित कराई गईं एनसीईआरटी की कक्षा नौ से बारहवीं तक की किताबों को फेल करने के लिए बाजार में डुप्लीकेट किताबें उतार दी गई हैं। बाजार से डिमांड न आने के कारण उत्तराखंड शासन विद्यालयी शिक्षा द्वारा प्रकाशित दो लाख से अधिक पुस्तकें गोदाम में ही पड़ी हैं। पुस्तकों को पुस्तक विक्रेताओं तक पहुंचाने के जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से प्रयास भी नहीं किए गए हैं।

ncert duplicate book in market
NCERT
एनसीईआरटी की पुस्तकों के लिए प्रदेश सरकार ने ओपन टेंडर किया था। अंग्रेजी माध्यम की किताबें छापने का ठेका हल्द्वानी की फर्म को मिला। शासन ने इस फर्म को कक्षा एक से लेकर बारहवीं तक की करीब 20 लाख पुस्तकें छापने का आर्डर दिया था। हल्द्वानी से ही प्रदेश भर में पुस्तक विक्रेताओं को एनसीईआरटी पुस्तकें भेजी जा रही हैं। कक्षा नौ से लेकर बारहवीं तक के कोर्स की किताबों की डिमांड बाजार से नहीं आने के कारण दो लाख से अधिक किताबों के चट्टे गोदाम में लग गए हैं।
 
ncert duplicate book in market
NCERT
कितनी पुस्तकें छपी और कितनी गईं बाजार में
- एनसीइआरटी की कक्षा नौ की विज्ञान की 37 हजार में से अब तक पुस्तकें छपीं 28 हजार और बाजार में गई केवल पांच हजार।
- कक्षा 11 की बिजनेस स्टडी की 11 हजार किताबें छपीं मगर बाजार से मांग आई सिर्फ 500 पुस्तकों कीं। 
- बारहवीं कक्षा की भौतिक विज्ञान भाग एक की 16595 किताबें छपीं मगर बाजार से मांग एक हजार की भी नहीं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
ncert duplicate book in market
क्राइम - फोटो : amar ujala
डुप्लीकेट किताब बेचने पर मोटा कमीशन
हल्द्वानी। एनसीइआरटी की डुप्लीकेट पुस्तकों का कागज और छपाई निम्नस्तर की होने के कारण इनकी कीमत छपाई में काफी कम आती है। बड़ी संख्या में छपवाने में माफिया को करोड़ों का मुनाफा होता है। वे पुस्तक विक्रेताओं को डुप्लीकेट किताबें बेचने पर कमीशन भी 30 से 35 प्रतिशत तक देते हैं जबकि उत्तराखंड शासन की ओर से छपवाई गई एनसइआरटी पुस्तकें बेचने में कमीशन कम मिल रहा है। 

 
विज्ञापन
ncert duplicate book in market
court
विभाग कराएगा मुकदमा
सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं कि विक्रेताओं के यहां छापामारी कर देखा जाए कि यदि डुप्लीकेट किताबें बिक रही हैं दोषी विक्रेताओं के खिलाफ तो एफआईआर दर्ज कराई जाए। एनसीइआरटी पुस्तकों की कमी नहीं होने दी जाएगी।   
- आरके कुंवर, निदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखंड
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed