महेश भट्ट की आने वाली फिल्म सड़क-टू में आपको भारत की वो रहस्यमयी जगह दिखाई देगी जहां आज से नहीं महाभारत काल से कई चमत्कार होते आ रहे हैं। महेश भट्ट यहां आकर शूटिंग की लोकेशन भी देख चुके हैं। जानिए उस जगह के बारे में खास बातें...
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देश के अंतिम गांव में जाते महेश भट्ट
हिंदी फिल्म सड़क-टू की शूटिंग के लिए लोकेशन तलाशने हाल ही में उत्तराखंड पहुंचे फिल्म निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट देश के अंतिम गांव माणा पहुंचे। उन्होंने यहां भीम पुल, केशव प्रयाग और माणा गांव का भ्रमण किया। करीब एक घंटे तक माणा में रहने के बाद वे देहरादून के लिए रवाना हुए। बीस साल पहले महेश भट्ट के निर्देशन में हिंदी फिल्म सड़क की शूटिंग हुई थी। इसके बाद अब वे सड़क-टू की शूटिंग के लिए लोकेशन तलाशने यहां पहुंचे थे।
वे बाबा केदार के दर्शन करने के बाद माणा गांव पहुंचे थे। माणा गांव के पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा से हुई मुलाकात में महेश भट्ट ने उन्हें बताया कि आगामी वर्ष मई व जून में सड़क-टू की माणा गांव में शूटिंग होगी। फिल्म में आलिया भट्ट और संजय दत्त मुख्य भूमिका में होंगे। इसके साथ ही वे ऋषिकेश में फिल्म शूटिंग की लोकेशन देख चुके हैं।
एक मान्यता के अनुसार इस गांव में आने पर व्यक्ति स्वप्नद्रष्टा हो जाता है। जिसके बाद वह होने वाली घटनाओं के बारे में जान सकता है। बता दें कि भारत का आखिरी गांव मानी जाने वाली इस जगह पर स्वर्ग का रास्ता बना है। खूबसूरत और संसाधनों से भरे गांव में लोग आस्था से जुड़े हुए हैं। यही नहीं महाभारत युद्ध के समाप्त होने पर पांडव द्रोपदी सहित इसी गांव से होकर ही स्वर्ग को जाने वाली स्वर्गारोहिणी सीढ़ी तक गए थे।
इस गांव को श्रापमुक्त जगह का दर्जा प्राप्त है। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि व्यक्ति के जीवन में जो भी कष्ट हैं वह उसके द्वारा किए पापों के चलते होता है। यहां आने पर व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो जाता है। बता दें कि पवित्र बदरीनाथ धाम से 3 किमी आगे भारत और तिब्बत की सीमा स्थित इस यह गांव का नाम भगवान शिव के भक्त मणिभद्र देव के नाम पर पड़ा था।