उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हुए हत्याकांड ने सबको झकझोर दिया। बेडूला गांव के निवासणी में बलवीर सिंह के हत्यारोपी बेटे अमित और मनीष हत्या का कोई सुराग नहीं छोड़ना चाहते थे। इसीलिए हत्या के बाद शव लेकर त्रिवेणी घाट पहुंचे और शव को जला दिया।
जब तक पुलिस वहां पहुंची तब तक 95 फीसदी शव जल चुका था। जिससे शव का सैंपल लेकर पुलिस ने डीएनए जांच के लिए भेज दिया है। डीएनए जांच से ही हत्या के तरीके के बारे में पता चल सकेगा। इस दिल दहला देने वाली घटना से पुलिस भी हैरान है।
बलवीर सिंह राणा की हत्या के लिए कौन सा हथियार उपयोग किया गया, इसे लेकर अभी संशय है। घर में ऐसा कोई भी धारदार हथियार नहीं मिला है। घर के अंदर खून जरूर गिरा था।
बेटों ने पिता को मार डाला: बोले-कभी दुलार नहीं किया...हर बात पर डंडे से पीटता था, मां-बहनें छोड़कर चली गईं
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केदारघाटी में हत्या
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी अमित का कहना है कि उसने अंगूठी पहनी हुई थी और उसी अंगूठी के सहारे उसने अपने पिता के चेहरे पर घूंसा मारा, जिससे उनके नाक से खून बहने लगा और उनकी कुछ ही देर में मौत हो गई। दोनों पिता के शव को लेकर घाट पर पहुंचे और आग लगा दी।
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केदारघाटी में हत्या
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पुलिस के अनुसार जब तक वह मौके पर पहुंचे शव 95 फीसदी से अधिक जल चुका था, ऐसे में पोस्टमार्टम लायक कुछ नहीं था। इसलिए, शव के बचे शेष हिस्से का सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए भेजा गया है।
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केदारघाटी में हत्या
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डीएनए जांच रिपोर्ट से पता चल सकेगा कि हत्या धारदार हथियार से की गई या फिर गंभीर चोट लगने से हुई है। इधर, गांव में हत्याकांड को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल के अनुसार, मामले को हर एंगल से देखते हुए जांच की जा रही है। दूसरी तरफ पुलिस
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केदारघाटी में हत्या
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अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि यह गंभीर मामला है, जिसे लेकर वह खुद भी हैरान है कि कैसे कोई संतान अपने पिता की हत्या कर शव को जला सकती है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही हरसंभव प्रयास किया जा रहा है कि ठोस तथ्य प्राप्त हो सके।