सनातन धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक मकर संक्रांति 15 जनवरी (कल) को मनाई जाएगी। उसके बाद से शुभ कार्य शुरू होंगे। इस दिन भगवान सूर्य को खिचड़ी का भोग लगाने की परंपरा है। मकर संक्रांति पर्व को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सूर्य उत्तर की ओर बढ़ने लगता है जो ठंड के घटने का प्रतीक है।
मकर संक्रांति 2019: दूर करें कंफ्यूजन, संक्रांत पर्व खुशियों से भर देगा इन राशियों की झोली
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दान पुण्य का विशेष महत्व
संक्रांति के दिन शुरू के छह घंटे के अंदर यदि दान पुण्य किया जाए तो उसका विशेष महत्व होता है। इस लिहाज से 14 जनवरी की शाम 7 बजकर 50 मिनट के बाद छह घंटे तक किए गए दान का अभीष्ट लाभ मिलेगा। हालांकि 15 जनवरी को भी पूरे दिन दान-पुण्य के कार्य किए जा सकते हैं।
मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा अर्चना करते हैं। शास्त्रों के अनुसार उत्तरायण की अवधि देवताओं का दिन और दक्षिणायन देवताओं की रात्रि है। वैदिक काल में उत्तरायण को देवयान और दक्षिणायन को पितृयान कहा जाता था। मकर संक्रांति के दिन यज्ञ में दिए गए द्रव्य को ग्रहण करने देवता धरती पर प्रकट होते हैं।
किस राशि पर क्या प्रभाव
वृष: विरोधी पक्ष से सचेत रहें। साझेदारी में पूंजी निवेश संभव है। नौकरी में स्थिति अनुकूल रहेगी।
मिथुन: नौकरी प्राप्ति के अवसर मिलेंगे। नए व्यवसाय का विचार बनेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
सिंह: नौकरी में स्थान परिवर्तन संभव है। विवाद में समझौता हो सकता है। भू संपत्ति में वृद्धि होगी।
कन्या: पूर्व नियोजित कार्य सफल होगा। नौकरी में पदभार बढ़ सकता है। कानूनी मामले से बचें।
वृश्चिक: कानूनी परेशानी से मुक्ति मिलेगी। गुप्त शत्रु से सचेत रहें। कार्य क्षेत्र में मतभेदों से बचें।
धनु: राजनीतिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। जमा पूंजी में वृद्धि से खुशी होगी, व्यवसायिक लाभ उत्तम रहेगा।