फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

धूल फांक रही महात्मा गांधी के ये अनमोल निशानी

Sun, 02 Oct 2016 05:16 PM IST
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 02 Oct 2016 05:16 PM IST
विज्ञापन
mahatma gandhi relics in dehradun.
kharakhet - फोटो : AmarUjala

महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को ब्रिटिश हुकूमत के नमक कानून भंग को करने के लिए साबरमती आश्रम से जो दांडी यात्रा निकाली थी, उसकी निशानियां देहरादून में भी मौजूद हैं।

mahatma gandhi relics in dehradun.
kharakhet - फोटो : AmarUjala

24 अप्रैल को इस ऐतिहासिक मार्च का दून भी साक्षी बना था। लेकिन दुख इस बात का है कि राजधानी से महज 22 किलोमीटर दूर स्थित इस ऐतिहासिक स्थल का कोई खैरख्वाह नहीं है।

mahatma gandhi relics in dehradun.
kharakhet - फोटो : AmarUjala

खाराखेत की पहाड़ी में नमक वाले पानी का प्राकृतिक स्रोत हैं। गांधी जी ने इसी खासियत को देखते हुए नमक कानून तोड़ने के लिए 24 अप्रैल 1930 को यहां नमक बनवाया था। हालांकि नमक बनाए जाने की निशानदेहियां अब मिट चुकी हैं। नमक बनाने के लिए लगाया कुंड भी अब नजर नहीं आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
mahatma gandhi relics in dehradun.
kharakhet - फोटो : AmarUjala

स्रोत की देखभाल न होने के कारण यहां से हल्का रिस रहा नमकीन पानी जरूर दिख जाता है। निशानी के तौर पर अब एक स्मारक ही शेष है, जिस पर लिखे नाम और यादें भी धुंधला गई हैं। गांधी जी और उनके नमक सत्याग्रह की याद में ही यह स्मारक वर्ष 1983 में स्थापित किया गया था।

विज्ञापन
mahatma gandhi relics in dehradun.
kharakhet - फोटो : AmarUjala

गांधी की यादों से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल तक पहुंचना मुश्किल है। नंदा की चौकी से आगे सेला गांव आता है। यहां से आगे न तो बाइक, न ही कार से जाया जा सकता है। आगे तीन किलोमीटर का मुश्किल चढ़ाई वाला रास्ता है। स्मारक के नजदीक एक गेट है जो झाड़ियों से घिरा है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed