हरिद्वार में आनंद गिरि के सील आश्रम में लगे सीसीटीवी के कैमरे की डीवीआर में मौत के राज छिपे हो सकते हैं। जिसके चलते आश्रम में लगे डीवीआर चोरी करने का प्रयास किया गया। डीवीआर चुराने वाले आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया है। श्यामुपर थाना पुलिस डीवीआर चुराने वाले आरोपी से पूछताछ में जुटी है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उनके शिष्य आनंद गिरि को श्यामपुर कांगड़ी स्थित आश्रम से गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद आश्रम को एचआरडीए के अधिकारियों ने फिर से सील कर दिया था। सोमवार को इस आश्रम से सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर चोरी कर लिया गया।
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इसके साथ ही आश्रम से पानी की मोटर व जूसर मिक्सर भी चोरी हुआ। हालांकि, चोरी करने वाले आरोपी को कुछ लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया और उसे पुलिस को सौंप दिया। सील आश्रम से डीवीआर चोरी करने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या आश्रम में लगे सीसीटीवी में नरेंद्र गिरि की हत्या के मामले में कोई राज छिपे हुए हैं। जिन्हें डीवीआर चोरी करने के बाद छिपाने का प्रयास किया जा रहा था।
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हरिद्वार में आनंद गिरि का आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
पकड़े गए युवक से पुलिस पूछताछ में जुटी है कि आखिर किसके कहने पर वह सील आश्रम में चोरी करने के लिए आया था। श्यामपुर थाना प्रभारी अनिल चौहान का कहना है कि आरोपी युवक से डीवीआर, पानी की मोटर और जूसर मिक्सर बरामद हुआ है।
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हरिद्वार में आनंद गिरि का आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि आरोपी से हर पहलू को ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है। बता दें कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि व उनके शिष्य आनंद गिरि के बीच हुए विवाद के बाद श्यामपुर कांगड़ी गांव में बन रहा आनंद गिरि का आश्रम 13 मई को एचआरडीए ने सील कर दिया था।
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महंत नरेंद्र गिरि और आनंद गिरि
- फोटो : फाइल फोटो
आश्रम पर सील लगने के बाद आनंद गिरि को हरिद्वार के एक बड़े संत व आश्रम के परमाध्यक्ष ने शरण दी थी। इसका खुलासा आश्रम सील होने के बाद एक इंटरव्यू के दौरान आनंद गिरि ने खुद किया था। आनंद गिरि ने कहा था कि वह उन दिनों हरिद्वार के एक आश्रम में शरण लेकर रह रहे थे।
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हरिद्वार में आनंद गिरि का आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बताया जा रहा है कि आनंद गिरि श्री महंत नरेंद गिरि की आत्महत्या से पहले 15 दिनों तक इसी आश्रम में थे। आश्रम से कहीं बाहर भी नहीं निकले थे। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि आनंद गिरि 15 दिनों तक आश्रम में रहकर आखिर कर क्या कर रहे थे।