महाशिवरात्रि को हिंदू धर्म में लोग भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाते हैं। तो चलिए हम आपको दिखाते हैं वो जगह जहां महादेव और माता पार्वती ने सात फेरे लिए थे। तस्वीरें...
महाशिवरात्रि पर देखिए वो जगह, जहां भगवान शिव और पार्वती ने लिए थे सात फेरे, तस्वीरें...
यह जगह है उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले के त्रियुगीनारायण में। कहते हैं कि यहीं पर भगवान शिव और माता पार्वती ने शादी की थी। शिव-पार्वती के विवाह की गवाह अखंड ज्योति आज भी निरंतर जल रही है।
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इस ज्योति के दर्शन करने के लिए यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है। माना जाता है कि, शिव-पार्वती जी ने इसी पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर विवाह किया था।
मान्यता है कि इसकी ज्योति की भस्म में सुख, सौभाग्य और सफलता प्रदान करने की शक्ति है। इसलिए लोग इसे अपने माथे पर लगाते हैं। इसे लगातार जलाए रखने के लिए श्रद्धालु शुद्ध घी के साथ हवन की सामग्री डालते रहते हैं। सर्दी हो या गर्मी अथवा तेज बरसात, यह ज्योति हमेशा जलती रहती है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार जब देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तप किया। उनके नाम पर यहां गौरी कुंड बना है जिसका जल बहुत पवित्र माना जाता है।