देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इस गुरु के आशीर्वाद के बाद ही गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। आइए जानते हैं इनके बारे में...
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी वर्ष 1999 में ऋषिकेश आए थे। वे पार्टी के एक कार्यकर्ता के स्कूटर से दयानंद आश्रम पहुंचे थे और वरिष्ठ संत गुरु ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त किया था। यहां से गुजरात लौटे तो मुख्यमंत्री बने। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी यहां आए और उनसे मुलाकात की। हालांकि इसके कुछ समय बाद स्वास्थ्य कारणों से स्वामी जी का निधन हो गया था।
तत्कालीन भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ कोटद्वार के जिलाध्यक्ष गोपाल अग्रवाल ने बताया कि नरेंद्र मोदी 1999 में स्वर्गाश्रम क्षेत्र में स्थित गीताभवन में संगठन के चिंतन शिविर में भाग लेने आए थे। वे उस समय राष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व संभाल रहे थे।
बकौल अग्रवाल मोदी ने स्वामी दयानंद सरस्वती से मिलने की इच्छा व्यक्त की थी। मोदी को आश्रम ले जाने की जिम्मेदारी उन्हें मिली और वे अपने स्कूटर से उन्हें लेकर आश्रम पहुंचे थे। मोदी ने आश्रम के वरिष्ठ संत दयानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया था।
अग्रवाल ने बताया कि चिंतन शिविर के बाद मोदी गुजरात चले गए और कुछ महीने बाद उन्होंने वहां के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला। उसके बाद वे सुर्खियों में आए। इसकी पुष्टि दयानंद आश्रम के स्वामी परमात्मानंद ने भी की थी। उन्होंने बताया था कि मोदी का आश्रम से पुराना नाता रहा है। उस वक्त वे संगठन के पदाधिकारी के रूप में आए थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नरेंद्र मोदी अपने गुरु से मिलने आश्रम में आए थे।