रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में दिन दहाड़े गुलदार घुस गया और तीन कर्मचारियों को घायल कर दिया। गुलदार अभी कॉलेज में ही है। वन विभाग पुलिस के सहयोग से सर्च अभियान चला रहा है। कॉलेज में कमरों और हॉलों की संख्या अधिक होने की वजह से गुलदार ढूंढना मुश्किल हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज में अचानक घुस गया गुलदार, सामने आ गया क्लर्क और फिर जो हुआ तस्वीरों में देखिए...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में पाठ्यक्रम कार्यशाला चल रही है। रविवार को डॉक्टर कार्यशाला में मौजूद थे। कैटरिंग कर्मचारी उनके लिए एक हॉल में खाना लगा रहे थे। इसी दौरान कर्मचारी मनीष और गौरव ने खिड़की से बाहर एक गुलदार को बैठे देखा, जब तक वह कुछ समझते तब तक गुलदार माइक्रोबायोलॉजी व एनॉटमी ब्लॉक की ओर चला गया। गुलदार ने वहां फार्माकोलॉजी विभाग के क्लर्क युद्धवीर सिंह पर पीछे से हमला कर दिया। युद्धवीर बचने के लिए भागा। गुलदार ने पंजों से उसके मुंह, पीठ और हाथ पर गहरे जख्म कर दिए। इसके बाद गुलदार अंदर ही कहीं छिप गया।
सूचना मिलने पर श्रीकोट व श्रीनगर से पुलिस फोर्स संस्थान में पहुंचा। करीब दो घंटे बाद वन विभाग की टीम भी पौड़ी व खिर्सू से पहुंच गई। इसके बाद पुलिस, वन और कर्मचारियों की टीम ने लाठी-डंडों से लैस होकर सभी मंजिलों में गुलदार की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। गुलदार कहीं दूसरे भवन में न घुस जाए, इसलिए सुरक्षा सुपरवाइजर अनुसूया प्रसाद मलासी और गार्ड उम्मेद सिंह बिष्ट कांच के गेट पर ताला लगा रहे थे कि अचानक गुलदार सामने आ गया और उसने कांच तोड़ डाला। इसके बाद उसने दोनों को बुरी तरह से जख्मी कर दिया।
सुरक्षा गार्ड पर हमला करने के बाद गुलदार फिर छिप गया। रेंजर अनिल भट्ट ने बताया कि दो मिनट पहले टीम उक्त स्थान से राउंड मार कर लौटी थी। तब गुलदार नहीं दिखा। उन्होंने बताया कि रोशनदानों से झांककर अंदर देखा जा रहा है। सभी गेटों को बंद कर दिया गया है। रात के वक्त एक-एक गेट खोलकर तलाशी ली जाएगी। कॉलेज के कर्मचारी दीनदयाल ने बताया कि रात के वक्त लोगों ने शावकों को देखा था। शायद गुलदार आस-पास ही घूम रहा था।
गुलदार के राजकीय मेडिकल कॉलेज की कक्षा भवन/ऑफिस के अंदर घुसने से संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी व छात्र-छात्राएं सहमे हुए हैं। यहां आवासीय, अनावासीय, कक्षा कक्ष व हॉस्टल एक ही परिसर में हैं। तीन मंजिलें अनावासीय भवन गैलरी के जरिए एक दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे में गुलदार कहीं भी छिपा हो सकता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि ऐसी स्थितियों में फिलहाल वहां कक्षा और ऑफिस नहीं खोले जा सकते हैं, जब तसल्ली हो जाएगी कि गुलदार पकड़ा गया या चला गया, तभी कामकाज सामान्य हो पाएगा।