शारदीय नवरात्र में आज घर-घर अष्टमी पूजन कर कन्या जिमाई गई। नौ दिन तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के साथ ही भक्त उपवास करते हैं। कन्या पूजन के बाद ही उपवास पूरा माना जाता है। इसलिए नवरात्र में अष्टमी-नवमी पर नौ कन्याओं का पूजन करने का विधान है।
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शास्त्री खीमानंद भट्ट ने बताया कि बुधवार को कन्या पूजन करने का शुभ मुहूर्त सुबह 8.46 बजे से 1.15 बजे तक का है। इस दौरान मेष, सिंह, धनु, मिथुन, तुला, कुंभ राशि के लोगों के लिए सुबह 8.46 बजे से 11 बजे तक कन्या पूजन का शुभ मुहूूर्त है। इस दौरान कन्या पूजन करने से आर्थिक लाभ मिलता है। वृषभ, कन्या, मकर, कर्क, मीन, वृश्चिक राशि के लोगों के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक शुभ मुहूर्त है।
अष्टमी के दिन मां दुर्गा के आठवें रूप महागौरी का पूजन किया जाता है। पूजन के समय अग्यारी करने के बाद आप कन्या भोजन कराएं। सुबह महागौरी की पूजा के बाद घर में नौ कन्याओं और एक बालक को घर पर आमंत्रित किया जाता है। पूजा करने के बाद उन्हें हलवा, पूरी और चने का प्रसाद दिया जाता है।
कन्या पूजन के लिए सुबह स्नान कर भगवान गणेश और मां महागौरी की पूजा करें। पूजन के लिए बुलाई गई कन्याओं के पैर धुलाकर उन्हें बैठने के लिए आसन दिया जाए। जिसके बाद कन्याओं की आरती कर उन्हें भोजन कराया जाए। भोजन कराने के बाद कन्याओं को भेंट और उपहार दें।
18 अक्तूबर को नवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 8.34 बजे से 12.54 बजे तक है, जबकि मेष, सिंह, धनु, मिथुन, तुला, कुंभ राशि के लोगों के लिए कन्या पूजन करने का शुभ मुहूर्त 8.34 बजे से 10.58 बजे तक है। वृषभ, कन्या, मकर, कर्क, मीन, वृश्चिक राशि के लोगों के लिए 11 बजे से 12.58 बजे तक का शुभ मुहूर्त है।