पान सिंह तोमर, स्लमडाग, मिलेनियर, पीकू, हासिल, हिंदी मीडियम, अंग्रेजी मीडियम व जुरासिक पार्क जैसी अनगिनत फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले इरफान खान पहाड़ के नौजवानों को अभिनय के गुर सिखाना चाहते थे। वह चाहते थे कि पहाड़ के नौजवान अभिनय के क्षेत्र में बालीवुड में नाम रोशन करें।
इसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के अपने साथी नैनीताल निवासी इदरीश मलिक के साथ गुरूकुल की स्थापना की प्लानिंग की थी। रामगढ़ में कॉटेज भी इसी उद्देश्य को लेकर खरीदा गया था। वह जब भी नैनीताल आते या फिर इदरीश से फोन पर बातचीत करते तो गुरूकुल का जिक्र करना नहीं भूलते थे।
नैनीताल की प्रसिद्ध नाट्य संस्था मंच के संस्थापक इदरीश मलिक और फिल्म अभिनेता इरफान खान ने वर्ष 1984 से 1986 तक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली में साथ-साथ अभिनय का प्रशिक्षण प्राप्त किया। तब वह वहां एक ही कमरे में रहते थे। इरफान की मौत की खबर सुन इदरीश स्तब्ध हैं। अमर उजाला से बातचीत में इदरीश ने इरफान के नैनीताल में गुरूकुल की स्थापना के सपने का खुलासा किया।
बकौल इदरीश गुरूकुल की स्थापना के लिए उन्होंने नैनीताल स्थित धूप कोठी क्षेत्र में जमीन भी खरीदी है। उन्होंने बताया कि गुरूकुल में निशुल्क संगीत और अभिनय का प्रशिक्षण देने संबंधी उनका और इरफान का यह आईडिया फिल्म अभिनेता ओमपुरी, नसीरूद्दीन साह, हिमानी शिवपुरी व नवाजउद्दीन समेत कई अन्य कलाकारों को भी पसंद आया था और उन्होंने भी बतौर प्रशिक्षक गुरूकुल में सेवाएं देने पर सहमति जताई थी।
इदरीश ने बताया कि फिल्म अंग्रेजी मीडियम की शूटिंग के दौरान भी इरफान ने फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद समय मिलते ही नैनीताल आकर गुरूकुल की स्थापना के कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही थी। लेकिन बाद में स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण इरफान नैनीताल नहीं आ सके।