शिक्षक और शिक्षिकाएं घर से स्कूल में ड्यूटी के लिए निकले थे। लेकिन रास्ते में अचानक उन्हें इतनी दर्दनाक मौत मिल गई कि देखने वाले भी कांप गए। तस्वीरें...
जिला मुख्यालय से शिक्षकों को लेकर बोलेरो संख्या यूके-01-टीए-2208 मंगलवार सुबह बाड़ेछीना की ओर जा रही थी। इसमें चार महिलाओं समेत 11 यात्री सवार थे। चितई ग्वल देवता मंदिर से कुछ दूरी पर कालीधार के पास सुबह 8:55 बजे बोलेरो करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इससे यात्रियों में चीख पुकार मच गई। उधर से गुजर रहे वाहनों में सवार यात्रियों ने इसकी सूचना पुलिस और 108 को दी। पुलिस के पहुंचने तक यात्रियों ने घायलों को खाई से निकालना शुरू कर दिया था।
खाई से निकालकर घायल यात्रियों को निजी वाहनों और 108 एंबुलेंस से बेस अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक विद्यालय देवड़ा की शिक्षिका लक्ष्मी शाही (47) पत्नी नरेंद्र सिंह शाही निवासी चौधरीखोला, जाखनदेवी अल्मोड़ा, जूनियर हाइस्कूल चंद्रकोट के शिक्षक कांता बल्लभ बवाड़ी (48) और ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल पेटशाल में शिक्षक मोहन चंद्र पंत (40) पुत्र कमलाकांत पंत निवासी पांडेखोला अल्मोड़ा की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी।
बेस अस्पताल से गंभीर रूप से घायल चालक खजान राम (40) पुत्र किशन राम निवासी पेटशाल, शिक्षिका गीता नयाल (48) पत्नी भगत सिंह नयाल निवासी कपीना अल्मोड़ा, राजकुमार जोशी (40) हेम चंद्र जोशी निवासी नरसिंहबाड़ी अल्मोड़ा को हल्द्वानी रेफर किया गया। गरमपानी के समीप चालक खजान राम और शिक्षिका गीता नयाल ने दम तोड़ दिया।
शेष घायलों कमला बिष्ट (40) पत्नी आरएस बिष्ट निवासी डुबकिया अल्मोड़ा, चित्रा पुरोहित (35) पत्नी मनोज पुरोहित पीलीकोठी हल्द्वानी, दीपिका बिष्ट पत्नी गोकुल सिंह सहायक शिक्षिका, हीरा गोस्वामी (28) पत्नी गोविंद नाथ निवासी भैरव मंदिर चौघानपाटा अल्मोड़ा, नीरा गुसाईं पत्नी कृष्ण गुसाईं जाखनदेवी अल्मोड़ा की हालत खतरे से बाहर है। इन्हें परिजन स्वयं हायर सेंटर उपचार के लिए ले गए हैं।